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SKMU के दसवें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को मिला सम्मान, 38 गोल्ड मेडल और 15 पीएचडी उपाधियां प्रदान

Pancham Jha Dumka
Pancham Jha Dumka
Senior News Publisher • TheNewsPost.in

दुमका: दुमका के सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (SKMU) के दसवें दीक्षांत समारोह में गुरुवार को मेधावी छात्र छात्राओं की वर्षों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान मिला. झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया. इस बार समारोह में कुल 38 स्वर्ण पदक और 15 पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं. समारोह में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था. किसी ने शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संकल्प लिया, तो किसी ने प्रोफेसर बनने का सपना संजोया. वहीं, फूलो झानो मेडिकल कॉलेज के पहले एमबीबीएस बैच की छात्रा को गोल्ड मेडल मिलना मेडिकल कॉलेज के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि रही.

पहले एमबीबीएस बैच की शालिनी भोल ने बढ़ाया मेडिकल कॉलेज का मान

फूलो झानो मेडिकल कॉलेज दुमका की एमबीबीएस प्रथम बैच की छात्रा शालिनी भोल ने गोल्ड मेडल हासिल कर संस्थान का गौरव बढ़ाया. वर्ष 2019 में मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने वाली शालिनी का एमबीबीएस शैक्षणिक सत्र 2024 में पूरा हुआ. इसके बाद उन्होंने एक वर्ष का इंटर्नशिप किया. शालिनी के अनुसार, उनके बैच में कुल 96 विद्यार्थी थे. चारों वर्षों के शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर उन्हें सर्वाधिक अंक प्राप्त हुए. उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के शुरुआती दौर में कई सुविधाओं का अभाव था, लेकिन धीरे-धीरे अस्पताल और ओपीडी की व्यवस्था में सुधार हुआ है. भविष्य में वह एमडी की पढ़ाई कर चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं. अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने माता-पिता, दोस्तों, बैचमेट और कॉलेज के शिक्षकों को दिया.

भूगोल में विश्वविद्यालय टॉपर बने साहिबगंज के सूरज रक्षित

साहिबगंज जिले के बोरियो निवासी सूरज रक्षित ने भूगोल विषय में स्नातकोत्तर ऑनर्स में विश्वविद्यालय टॉपर बनकर गोल्ड मेडल हासिल किया. अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए सूरज ने इसका श्रेय माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया. उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य यूजीसी नेट क्वालीफाई कर प्रोफेसर बनना है. उनकी विशेष इच्छा है कि भविष्य में सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में ही शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दें और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने में मदद करें.

त्रिलिना सेन को स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों में मिला गोल्ड मेडल

जूलॉजी विषय में स्नातकोत्तर करने वाली त्रिलिना सेन के लिए यह समारोह दोहरी उपलब्धि लेकर आया। उन्हें स्नातक और स्नातकोत्तर, दोनों स्तरों पर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया. त्रिलिना ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और विभाग के शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया. अब उनका लक्ष्य CSIR-NET के माध्यम से शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ना है. वह ऐसा शोध करना चाहती हैं, जिसका लाभ समाज के वंचित तबके, विशेषकर ग्रामीण और गरीब लोगों तक पहुंच सके.

पिता अस्पताल में भर्ती, फिर भी प्रोत्साहन ने अर्णव को मेडल लेने पहुंचाया

जूलॉजी के छात्र अर्णव गोराई ने विश्वविद्यालय और विभाग, दोनों स्तरों पर टॉपर बनकर गोल्ड मेडल हासिल किया. उन्होंने नियमित पढ़ाई, कक्षाओं में उपस्थिति और निरंतर मेहनत को अपनी सफलता का आधार बताया. अर्णव ने इस उपलब्धि में शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया. उनके पिता अस्पताल में भर्ती हैं, इसके बावजूद पिता के प्रोत्साहन और हौसले ने उन्हें दीक्षांत समारोह में शामिल होकर सम्मान ग्रहण करने की प्रेरणा दी. अर्णव की प्राथमिकता शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की है. वह CSIR-NET क्वालीफाई करने के बाद किसी प्रतिष्ठित प्रयोगशाला में नए शोध और इनोवेशन पर काम करना चाहते हैं.

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन और विनम्रता का दिया संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल एवं कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को जीवन में ईमानदारी, अनुशासन और विनम्रता के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सफल व्यक्ति बनना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करना भी है. विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास में करना चाहिए. उन्होंने संथाल परगना की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और शोध के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना जरूरी है.

पिछले दीक्षांत समारोह की तुलना में गोल्ड मेडल और पीएचडी की संख्या घटी

विश्वविद्यालय की कुलपति ने अपने संबोधन में शैक्षणिक उपलब्धियों और दीक्षांत समारोह से जुड़ी जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि नौवें दीक्षांत समारोह में 78 गोल्ड मेडल और 37 पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गई थीं, जबकि इस बार 38 गोल्ड मेडल और 15 पीएचडी की उपाधियां दी जा रही हैं. इसके अतिरिक्त 4,995 विद्यार्थियों को अनुपस्थिति में डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं.

183 नए पीएचडी शोधार्थियों का नामांकन, मेधावियों के लिए छात्रवृत्ति शुरू

कुलपति ने विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि चालू शैक्षणिक सत्र में 183 नए पीएचडी शोधार्थियों का नामांकन हुआ है.विश्वविद्यालय की ओर से मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सिदो कान्हू फुल स्मारक छात्रवृत्ति की शुरुआत भी की गई है. इस योजना के तहत प्रत्येक स्नातकोत्तर विभाग से एक छात्र और एक छात्रा को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के प्रति प्रोत्साहित करना है=

मेहनत, संघर्ष और सपनों को नई उड़ान देने का मंच बना दीक्षांत समारोह

कुल मिलाकर SKMU का दसवां दीक्षांत समारोह महज डिग्री और मेडल वितरण का औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के वर्षों के संघर्ष, मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर बना. गोल्ड मेडल हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने अपनी सफलता से न केवल अपने परिवार और शिक्षकों का मान बढ़ाया, बल्कि संथाल परगना और विश्वविद्यालय को भी गौरवान्वित किया. समारोह ने युवा प्रतिभाओं के सपनों को नई दिशा और भविष्य की चुनौतियों से आगे बढ़ने का हौसला दिया.

रिपोर्ट पंचम झा