Religion

जब भक्ति के आगे झुक गए भगवान जगन्नाथ! कर्मा बाई के हाथ की खिचड़ी खाने के लिए मंदिर से हुए गायब, पढ़ें रोचक कथा

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer
जब भक्ति के आगे झुक गए भगवान जगन्नाथ! कर्मा बाई के हाथ की खिचड़ी खाने के लिए मंदिर से हुए गायब, पढ़ें रोचक कथा

टीएनपी डेस्क (TNP DESK):कहा जाता है कि भगवान अपने भक्त के वश में होते हैं, क्योंकि भगवान को लड्डू, मेवा, मिश्री या धन-संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं होता.उन्हें केवल भक्त के सच्चे भाव और भक्ति से मतलब होता है.यदि आप सच्चे मन से भगवान को अपने घर में बना साधारण भोजन भी भोग लगाते है, तो भगवान उसे भी प्रेमपूर्वक स्वीकार करते है.समय-समय पर देवी-देवताओं ने अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर यह दिखाया है कि वे अपने भक्तों के वश में हो जाते है. आज हम भगवान जगन्नाथ और उनकी परम भक्त कर्मा बाई से जुड़ी एक ऐसी ही प्राचीन कथा बताने जा रहे हैं, जब भगवान जगन्नाथ कर्मा बाई के हाथों की सादी खिचड़ी खाने के लिए दौड़े-दौड़े मंदिर से उनके घर पहुंच जाते थे . 

रोज खिचड़ी खाने पहुंच जाते थे भगवान जगन्नाथ

मान्यता है कि भक्त जिस भाव से भगवान की पूजा करता है या उन्हें पुकारता है, भगवान भी उसी भाव में उसे दर्शन देते है और उसकी मनोकामनाएं पूरी करते है. पुरानी कथा के अनुसार भगवान जगन्नाथ की एक परम भक्त थीं, जिनका नाम कर्मा बाई था. वह भगवान जगन्नाथ की सेवा अपने पुत्र की तरह करती थी.वह रोज सुबह उठकर बिना नहाए-धोए खिचड़ी बनाती थीं और उसी खिचड़ी का भोग भगवान को लगाती थी.कहा जाता है कि भगवान जगन्नाथ स्वयं मंदिर छोड़कर रोजाना कर्मा बाई के घर उनकी खिचड़ी खाने जाते थे. उन्हें कर्मा बाई के हाथों की सादी खिचड़ी बहुत प्रिय थी. खिचड़ी ग्रहण करने के बाद ही भगवान वापस मंदिर लौटते थे और भक्तों को दर्शन देते थे.

इस वजह से बिना मुंह पीछे ही मंदिर में दर्शन देना पड़ा

एक दिन कर्मा बाई के घर एक साधु आए. उन्होंने कर्मा बाई को बिना नहाए-धोए खिचड़ी बनाते देखा तो कहा कि पहले स्नान करके, शुद्ध होकर भोजन बनाना चाहिए और फिर भगवान को भोग लगाना चाहिए. कर्मा बाई ने दूसरे दिन वैसा ही किया.वह सुबह उठकर पहले स्नान करने लगीं और उसके बाद खिचड़ी बनाने लगी. उधर भगवान जगन्नाथ रोज की तरह उनके घर पहुंच गए, लेकिन उस दिन खिचड़ी तैयार नहीं थी.भगवान को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा.जैसे ही खिचड़ी तैयार हुई, भगवान ने जल्दी-जल्दी गरम खिचड़ी खाई और तुरंत मंदिर की ओर चल पड़े.जाते-जाते उन्होंने कर्मा बाई से पूछा कि आज खिचड़ी बनने में इतनी देर क्यों हो गई. तब कर्मा बाई ने साधु द्वारा दी गई सलाह की पूरी बात भगवान को बता दी.

भगवान के मुँह में खिचड़ी लगा देख हैरान रह गया पुजारी 

भगवान जगन्नाथ जल्दी-जल्दी में खिचड़ी खाकर मंदिर पहुंच गए, लेकिन मुंह साफ करना भूल गए. जब पुजारियों ने मंदिर के द्वार खोले तो उन्होंने देखा कि भगवान के मुख पर खिचड़ी लगी हुई है. यह देखकर वे आश्चर्य में पड़ गए.भगवान जगन्नाथ ने पुजारी के मन में चल रही शंका दूर करने के लिए उन्हें स्वप्न में दर्शन दिए और पूरी घटना बताई।.उन्होंने कहा कि वे रोज कर्मा बाई के घर उनके हाथों की खिचड़ी खाने जाते हैं, लेकिन आज एक साधु ने उन्हें पहले स्नान करके भोजन बनाने की सलाह दी थी. इसी कारण खिचड़ी बनने में देर हो गई और जल्दी-जल्दी में वे अपना मुंह साफ करना भूल गए, इसलिए उनके मुख पर खिचड़ी लगी रह गई थी.यह सुनकर पुजारी दौड़े-दौड़े कर्मा बाई के घर पहुंचे और उनसे कहा, माई, कल से पहले की तरह ही सुबह जल्दी खिचड़ी बना दिया करो, ताकि भगवान को गरम-गरम खिचड़ी जल्दी-जल्दी न खानी पड़े.

भगवान जगन्नाथ को काफी प्रिय है खिचड़ी

तब से लेकर आज तक भगवान जगन्नाथ को श्रद्धापूर्वक खिचड़ी का भोग लगाया जाता है.मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ को सादी खिचड़ी का भोग अत्यंत प्रिय है. ओडिशा के प्रसिद्ध पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में भी उन्हें खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाता है.भगवान जगन्नाथ ने समय-समय पर ऐसी अनेक लीलाएं की हैं, जिन्हें जानकर और सुनकर लोग आज भी आश्चर्यचकित रह जाते है.