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Religion

Rama Ekadashi 2026: रमा एकादशी आज, इस विधि से करें भगवान विष्णु की पूजा, मिलेगा विशेष फल

Samiksha Singh
Samiksha Singh
Sr. Content Writer

TNP DESK- हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है.  कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है आइए जानते हैं रमा एकादशी पर पूजा की सही विधि, शुभ मुहूर्त और इस व्रत का धार्मिक महत्व

रमा एकादशी पर ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा

रमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के पूजा स्थल की साफ-सफाई करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें.

सबसे पहले भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद भगवान को चंदन, पीले फूल, अक्षत, धूप, दीप और फल अर्पित करें..पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व होता है. इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करें.

अंत में रमा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और भगवान विष्णु की आरती करके परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें.

रमा एकादशी पर इन बातों का रखें ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. व्रत रखने वाले भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार निर्जला या फलाहार व्रत रख सकते हैं.

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना भी शुभ माना जाता है. साथ ही दिनभर भगवान का स्मरण और भजन-कीर्तन करना चाहिए.

क्या है रमा एकादशी का धार्मिक महत्व?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रमा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन-धान्य और खुशहाली बनी रहने की मान्यता है.