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Religion

पापांकुशा एकादशी आज, इस दिन जरूर पढ़ें व्रत कथा, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए करें ये काम

Samiksha Singh
Samiksha Singh
Sr. Content Writer

Tnp डेस्क: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत करने की परंपरा है. पापांकुशा एकादशी का संबंध पापों से मुक्ति, पुण्य की प्राप्ति और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत रखने, भगवान विष्णु का स्मरण करने और एकादशी व्रत कथा पढ़ने से विशेष  फल मिलता है.

पापांकुशा एकादशी का क्या है महत्व?

पापांकुशा एकादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है.  इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति को अपने पापों से मुक्ति मिलती है.  जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इस दिन दान-पुण्य, जप, ध्यान और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है.

पापांकुशा एकादशी व्रत कथा

 प्राचीन काल में विंध्य पर्वत पर क्रोधन नाम का एक बहेलिया रहता था. उसने अपने जीवन में अनेक पाप किए थे. जब उसके जीवन के अंतिम दिन निकट आए तो उसे अपने भविष्य और मृत्यु के बाद मिलने वाले फल की चिंता सताने लगी. कहा जाता है कि वह महर्षि अंगिरा के पास पहुंचा और अपने उद्धार का उपाय पूछा. बहेलिये की बात सुनकर महर्षि ने उसे आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी का व्रत करने और भगवान विष्णु की आराधना करने की सलाह दी.

महर्षि के बताए मार्ग पर चलते हुए बहेलिये ने श्रद्धा के साथ व्रत किया और भगवान विष्णु का स्मरण किया. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत के पुण्य प्रभाव से उसे पापों से मुक्ति का मार्ग मिला और भगवान की कृपा प्राप्त हुई.

पापांकुशा एकादशी पर कैसे करें पूजा?

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें

भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु को फल, फूल, धूप और दीप अर्पित करें

विष्णु मंत्र का जाप करें और पापांकुशा एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें

अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करें

व्रत के नियमों का पालन करें और द्वादशी तिथि पर स्थानीय पंचांग के अनुसार पारण करें