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Nirjala Ekadashi Vrat 2026:इस दिन रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत,जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer
Nirjala Ekadashi Vrat 2026:इस दिन रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत,जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):सनातन धर्म में एकादशी व्रत का काफी ज्यादा महत्व माना जाता है.साल भर में कुल 24 एकादशी का व्रत रखा जाता है जिसमे 12 शुक्ल पक्ष तो 12 कृष्ण पक्ष की एकादशी होती है.महीने के 15 दिन के अंतराल दोनों पक्ष की एकादशी आती है.वैसे तो साल में पड़नेवाले सभी व्रत का अपना धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन बात अगर निर्जला एकादशी की करें तो ये व्रत अपने आप मे काफी ज्यादा खास होता है.क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इसको करने मात्र से आपको सालों भर के व्रत करने के बराबर का फल मिलता है. ऐसे में चलिए जानते है साल 2026 में ये व्रत कब रखा जायेगा और इसका शुभ मूहूर्त क्या है.

दान पुण्य का होता है खास महत्व

आपको बता दे कि निर्जला एकादशी के दिन खासतौर पर बिना पानी पीए दिनभर व्रत रखा जाता है. वही इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है.ऐसा माना जाता है, कि यदि आप भगवान विष्णु की विधि पूर्वक पूजा करते है और निर्जला व्रत रखते है तो मोक्ष के सारे द्वार खुल जाते है. वही आपके जीवन के कष्ट दूर होते है.यदि आप सालों भर में एक भी एकादशी का व्रत नहीं रखते है तो आपको निर्जला व्रत जरूर रखना चाहिए. इससे आपको साल भर के एकादशी का व्रत का फल मिलता है.

मोक्ष की होती है प्राप्ति

आपको बता दें कि निर्जला एकादशी का व्रत जेष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में रखा जाता है जिसका शस्त्रों में विशेष रूप से वर्णन है. पद्म पुराण के अनुसार जो भी मनुष्य इस दिन निर्जला एकादशी का व्रत रखता है और पूरे नियम धर्म का पालन करता है तो उसको मेरु पर्वत के समान ही पापों से मुक्ति मिल जाती है.और मोक्ष की प्राप्ति होती है.आपको बता दे कि निर्जला एकादशी के व्रत को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है इस दिन दान पुण्य करना काफी अच्छा माना जाता है.आपको बता दें कि साल 2026 में 25 जून को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन भर व्रतधारी बिना अन्न जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना करते है.

जानें शुभ मुहूर्त

निर्जला एकादशी के शुभ मुहुर्त की बात की जाए तो जेष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून बुधवार के शाम 6:30 बजे से शुरू होगी, वही अगले दिन यानी 25 जून गुरुवार को शाम के 8:10 तक एकादशी तिथि व्याप्त रहेगी. इसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा. ऐसे में उदया तिथि 25 जून को है. गणना के मुतबिक 25 जून को ही निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा.