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Religion

Navratri Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा, जानें विधि, मंत्र और माता का प्रिय भोग

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप मां कूष्मांडा को समर्पित है. आज भक्त मां की आराधना कर सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी. उन्हें सृष्टि में ऊर्जा और प्रकाश का संचार करने वाली आदिशक्ति माना जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता, साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है. ऐसे में आइए जानते हैं नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा विधि, मंत्र, आरती, व्रत कथा और उन्हें अर्पित किए जाने वाले प्रिय भोग के बारे में.

मां कूष्मांडा का स्वरूप और धार्मिक महत्व

मां कूष्मांडा को मां दुर्गा का चौथा स्वरूप और अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, जब चारों ओर अंधकार था और सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब देवी ने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की. इसी कारण उन्हें सृष्टि की सृजनकर्ता के रूप में पूजा जाता है. मां कूष्मांडा की आठ भुजाओं में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र, गदा और जपमाला सुशोभित हैं. उनका वाहन सिंह है, जो शक्ति, साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है. देवी का तेज सूर्य के समान बताया गया है और मान्यता है कि उनका निवास सूर्य मंडल में है. भक्त मां कूष्मांडा की पूजा करके आरोग्य, यश, दीर्घायु और समृद्धि की कामना करते हैं. धार्मिक विश्वास के अनुसार, देवी की आराधना से मन में सकारात्मक विचार आते हैं और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है.

मां कूष्मांडा की पूजा विधि

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ की जाती है. पूजा के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें. इसके बाद मां की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर दीपक जलाएं. देवी को जल, रोली, अक्षत, पुष्प और माला अर्पित करें. इसके बाद धूप-दीप दिखाकर फल और मिठाई का भोग लगाएं. पूजा के दौरान मां कूष्मांडा के मंत्रों का जाप करें और अंत में उनकी आरती करें. पूजा पूरी होने पर परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना करें.

मां कूष्मांडा को कौन-सा भोग लगाएं?

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा को कुम्हड़ा यानी कद्दू अर्पित करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा देवी को पेठा, केसरिया हलवा, मालपुआ, बताशे, फल और नारियल का भोग भी लगाया जा सकता है. कुछ परंपराओं में पीले रंग की मिठाइयां और विभिन्न प्रकार के हलवे अर्पित करने की मान्यता है. व्रत रखने वाले भक्त अपनी परंपरा के अनुसार सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर भी मां को भोग लगा सकते हैं. मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया भोग देवी की कृपा प्राप्त करने का माध्यम है.

मां कूष्मांडा का पूजा मंत्र

ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा विशेष महत्व रखती है. भक्त इस दिन व्रत रखकर और विधि-विधान से देवी की आराधना कर आध्यात्मिक शक्ति, सकारात्मकता और सुखमय जीवन की कामना करते हैं.