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Religion

इंदिरा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम,पितरों की कृपा के लिए इन बातें का रखें खास ध्यान

Samiksha Singh
Samiksha Singh
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क: इंदिरा एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है. यह एकादशी पितरों को समर्पित मानी जाती है. इस साल इंदिरा एकादशी 6 अक्टूबर मंगलवार को है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. साथ ही पितरों को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.

ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इंदिरा एकादशी के दिन कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं इस दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

इंदिरा एकादशी के दिन क्या करें?

सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का संकल्प लें.

इसके बाद पूरे विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें.

पूजा के बाद पितरों का स्मरण करें.

ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य करें.

भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें.

इंदिरा एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये काम

1.⁠ ⁠चावल का सेवन न करें

इंदिरा एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. खासकर जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं उन्हें इस दिन भूलकर भी चावल नहीं खाना चाहिए.

2.⁠ ⁠मांसाहार और शराब से बचें

इस दिन घर में सात्विक भोजन ही बनाना चाहिए. मांस, मछली और शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए. यह नियम सामान्य रूप से सभी एकादशी के व्रतों में भी माना जाता है.

3.⁠ ⁠बाल और नाखून न काटें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए. इस दिन शरीर पर तेल से मालिश करने से भी परहेज किया जाता है.

4.⁠ ⁠पान खाने से बचें

जो लोग पान खाते हैं, उन्हें भी एकादशी के दिन इससे परहेज करना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार पान खाना राजसिक प्रवृत्ति से जुड़ा माना जाता है.

5.⁠ ⁠तुलसी के पत्ते न तोड़ें

इंदिरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है इसलिए इस दिन तुलसी का विशेष महत्व होता है. एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचें लेकिन भगवान विष्णु को तुलसी दल जरूर अर्पित करें. मान्यता है कि इससे भगवान विष्णु की पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है.  पूजा के लिए एकादशी से पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़कर आप रख सकते हैं.