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झारखंड में राशन कार्ड के नियम बदले! घर की फोटो लगाना होगा अनिवार्य, जानें नए नियमों में और क्या हुआ बदलाव

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड में राशन कार्ड बनवाने और पुराने राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा सख्त हो गई है. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (RCMS) में कई अहम बदलाव किए हैं. नए नियमों के तहत अब राशन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले लाभुक को संबंधित राशन डीलर के यहां ई-KYC कराना अनिवार्य होगा. इसके अलावा नए राशन कार्ड के आवेदन में घर की तस्वीर भी अपलोड करनी पड़ेगी.

नए प्रावधान के मुताबिक बिना ई-KYC पूरा किए राशन कार्ड के आवेदन पर आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी. विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों को ही मिले. नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले परिवार को स्वघोषणा भी देनी होगी कि परिवार का कोई सदस्य आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर या GST का भुगतान नहीं करता है.

इसके अलावा पात्रता के लिए कुछ अन्य शर्तें भी तय की गई हैं. परिवार के पास
5 एकड़ से अधिक सिंचित जमीन नहीं होनी चाहिए.
10 एकड़ से ज्यादा असिंचित भूमि नहीं होनी चाहिए.
चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए.
तीन या उससे अधिक कमरों वाला पक्का मकान नहीं होना चाहिए.
5 लाख रुपये या उससे अधिक कीमत का मशीनचालित कृषि उपकरण नहीं होना चाहिए.

अब सिर्फ आवेदन करने से नहीं मिलेगा राशन कार्ड
झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत नए राशन कार्ड बनाने और पुराने कार्ड में सदस्य जोड़ने के आवेदनों पर जिलावार तय सीमा के अनुसार कार्रवाई होगी. यानी आवेदन जमा कर देना ही राशन कार्ड बनने की गारंटी नहीं है. आवेदक की वेटिंग लिस्ट में स्थिति और जिले के लिए निर्धारित सीमा को भी ध्यान में रखा जाएगा. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी यानी BSO स्तर पर लंबित UID सुधार और अन्य संशोधन संबंधी अनुरोधों के लिए भी ई-KYC जरूरी कर दिया गया है. सफल सत्यापन के बाद ही ऐसे मामलों पर आगे कार्रवाई की जाएगी.
पुराने राशन कार्ड में किसी नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए अब कारण के हिसाब से अलग-अलग दस्तावेज देना होगा.
जन्म के आधार पर नाम जोड़ने पर: जन्म प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा.
शादी के बाद नाम जोड़ने पर: पुराने राशन कार्ड से नाम हटाए जाने की स्वीकृति का प्रमाण देना होगा.
दत्तक सदस्य के लिए: दत्तक ग्रहण प्रमाणपत्र जरूरी होगा.
दूसरे स्थान से आए या अलग हुए सदस्य के लिए: पिछले राशन कार्ड से नाम हटाए जाने का प्रमाणपत्र देना होगा.

राशन कार्ड को रद्द या सरेंडर करने की प्रक्रिया भी अब सीधे नहीं होगी. इसके लिए परिवार के मुखिया की सहमति जरूरी होगी. साथ ही UID आधारित OTP वेरिफिकेशन के बाद ही कार्ड को रद्द या सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसका मकसद बिना परिवार की जानकारी या अनुमति के राशन कार्ड में बदलाव रोकना है.

विभाग पहले ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाली कुछ श्रेणियों में अपात्र पाए गए लाभुकों के राशन कार्ड रद्द कर चुका है. जांच में ऐसे मामले सामने आए जहां आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद लोग सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ उठा रहे थे. विभागीय जांच में कुछ ऐसे लाभुक भी सामने आए, जो लाखों रुपये का GST रिटर्न दाखिल कर रहे थे. इसके अलावा निर्धारित सीमा से ज्यादा जमीन रखने वाले, दोपहिया वाहन मालिक और आयकर का भुगतान करने वाले कुछ लाभुकों के कार्ड भी रद्द किए गए हैं.