☰
News

रांची में परिवहन विभाग का अनोखा अभियान! यमराज के जरिए सड़क सुरक्षा का संदेश, 700 वाहन चालकों को किया गया जागरूक

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
Copy Editor

रांची (RANCHI): अक्सर कई लोग सोचते है की जहां ट्रैफिक पुलिस या सिग्नल नहीं रहेगी वहाँ हेलमेट पहनने की क्या जरूरत है. लेकिन ऐसा सोचना बिलबुल गलत है. बिना हेलमेट बाइक चलाना, तेज रफ्तार और सड़क किनारे गलत तरीके से गाड़ी खड़ी करना, ये ऐसी गलतियां हैं, जो कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं. इसी को देखते हुए झारखंड परिवहन विभाग ने रांची के ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया. इस दौरान लोगों को सिर्फ नियमों की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि नुक्कड़ नाटक, हेलमेट वितरण और शपथ के जरिए सुरक्षित सफर का संदेश भी दिया गया.

दरअसल, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से झारखंड सरकार के परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन, IAS की उपस्थिति में रांची जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किया गया. अभियान के अंतर्गत दलादली चौक, तिलता चौक एवं ओरमांझी सहित अलग अलग क्षेत्रों में वाहन चालकों, दुकानदारों एवं आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन तथा यातायात के दौरान आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया.

अभियान के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले लगभग 600–700 वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया. वाहन चालकों को समझाया गया कि हेलमेट का उपयोग केवल कानूनी अनिवार्यता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है. सड़क दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट सिर में लगने वाली गंभीर चोटों तथा मृत्यु के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनने तथा अन्य आवश्यक यातायात सावधानियों को अपनाने की समझाइश दी गई. अभियान का उद्देश्य केवल नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाकर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था.

अभियान को जनसामान्य के लिए अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के उद्देश्य से छोटानागपुरी कला केंद्र के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया. नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हेलमेट नहीं पहनने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने तथा लापरवाही से वाहन चलाने के गलत नतीजे को दर्शाया गया. नाटक में यमराज के पात्र के माध्यम से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों को प्रतीकात्मक एवं रोचक तरीके से समझाया गया. इन प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह भी समझाया गया कि सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी किसी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है. इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह स्वयं नियमों का पालन करे और अपने आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करे.