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झारखंड-बिहार की सियासत में चुनावी घमासान, राज्यसभा से विधान परिषद तक क्या बदलेगा राजनीतिक गणित?

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
झारखंड-बिहार की सियासत में चुनावी घमासान, राज्यसभा से विधान परिषद तक क्या बदलेगा राजनीतिक गणित?

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड के राज्यसभा और बिहार में विधान परिषद् चुनाव दिलचस्प होने वाला है. दोनों राज्यों में गठबंधन पर इसका असर हो सकता है. चुनाव  आते आते क्या गणित बैठेगा, कहना मुश्किल है. झारखंड के राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के पास संख्या बल होने के बावजूद घटक दल आपस में ही लड़ रहे हैं, तो बिहार में उपेंद्र कुशवाहा को झटका मिल सकता है. इसकी संभावना तब अधिक बढ़ गई, जब चिराग पासवान ने अपनी  पार्टी के उम्मीदवार घोषित कर दिए. झारखंड में गठबंधन के पास 56 वोट हैं ,तो बिहार में 202 वोट है. बिहार में  अब तक कुल 9 उम्मीदवारों की घोषणा हुई है. इन घोषणा के बाद सबसे बड़ा झटका राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा को लग सकता है. 

उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र अभी मंत्री हैं

उनके पुत्र दीपक प्रकाश बिहार सरकार में मंत्री हैं, वह अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. अगर विधान परिषद का चुनाव वह नहीं जीत पाए तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है. यहां आपको बताना जरूरी है कि बिहार में विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए कम से कम 10 प्रस्तावक की जरूरत होती है. यह सभी प्रस्तावक विधानसभा से चुनकर आए होते है. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के सिर्फ चार विधायक है. अगर एनडीए की तरफ से अब उन्हें उम्मीदवार बनाया भी जाता है तो वह दसवें उम्मीदवार हो सकते है. ऐसे में दीपक प्रकाश को जीतने के लिए राजद और कांग्रेस में फुट का इंतजार करना होगा.

बिहार में जदयू-भाजपा ने कोर वोटरों को साधने की कोशिश की है

 वैसे सूत्र बताते हैं कि एनडीए के दोनों प्रमुख दल  अपने-अपने कोर  वोटरों का पूरा ख्याल रखा है. आठ उम्मीदवारों में पांच अति पिछड़ा समाज से और तीन महिलाएं है. चिराग पासवान ने मुस्लिम कार्ड खेला है. भाजपा ने अपने हिस्से की चार सीटों में से 2 सवर्णों को दिया है. अब हो सकता है कि चिराग पासवान के बाद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी भी मंत्री दीपक प्रकाश को उम्मीदवार घोषित कर दे, फिर भी राह कठिन हो सकती है. बताया जाता है कि चिराग पासवान ने कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को मैदान में उतारा है.   

बिहार विधान परिषद में नामांकन दाखिल करने का अंतिम तिथि 8 जून है

बिहार विधान परिषद में नामांकन दाखिल करने का अंतिम तिथि 8 जून है. 18 जून को वोटिंग होगी. इधर अगर झारखंड की बात की जाए तो लड़ाई दिलचस्प होती दिख रही है. झामुमो ने बैजनाथ राम को उम्मीदवार घोषित किया है, वहीं दूसरी सीट पर भी झामुमो  की दावेदारी है. हो सकता है कि कुछ घंटे में दूसरे उम्मीदवार की घोषणा भी कर दी जाए. इस बीच कुछ बाहरी और बड़े कारोबारियों ने भी पर्चा  खरीदा है. दूसरी ओर कांग्रेस ने प्रणव झा को दो दिन पहले ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था. अब सबकी नजर उम्मीदवारों पर टिकी हुई है. झारखंड में कांग्रेस के पास 16 विधायक हैं तो झामुमो के पास 14 है. चार विधायक राजद  के पास हैं तो दो माले  के पास है.