टीएनपी डेस्क(TNP DES): क्या आपने कभी गौर किया है अगर आप ज्यादा देर तक अपने हाथों को पानी में रखते है या फिर नहाने के बाद, स्विमिंग के समय मतलब की अगर आप पानी में कुछ देर तक अपने हाथ या पैर रखते है तो कुछ ही देर में आपकी हाथों और पैरों की उंगलियां सिकुड़ने लगती है. ज्यादातर लोग मानते हैं कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि त्वचा पानी को सोख लेती है, लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प और साइंटिफिक रीजन है.
दरअसल, पानी में ज्यादा देर रहने के बाद उंगलियों और तलवों का सिकुड़ना शरीर की एक प्रतिक्रिया है. यह कोई संयोग नहीं बल्कि हमारे शरीर की एक स्मार्ट व्यवस्था है, जो हमें पानी वाले वातावरण में बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है. लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि त्वचा की बाहरी परत पानी को सोख कर फूला देती है और इसी वजह से झुर्रियां बनती हैं. हालांकि वैज्ञानिक ने इस धारणा को गलत साबित किया है. इस प्रक्रिया के पीछे हमारे शरीर का सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम काम करता है, जो ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम का एक हिस्सा है.
जब हमारे हाथ या पैर लंबे समय तक पानी में रहते हैं, तब सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है. इसके प्रभाव से त्वचा के नीचे मौजूद छोटी-छोटी ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं. रक्त वेसल्स सिकुड़ने से त्वचा की सतह पर झुर्रियां या सिकुड़न दिखाई देने लगती है. यही कारण है कि उंगलियां और तलवे झुर्रीदार नजर आते हैं. लेकिन सवाल यह है कि शरीर ऐसा करता ही क्यों है, वैज्ञानिकों का मानना है कि यह एक तरह का प्राकृतिक एडाप्टेशन है. जब उंगलियों की त्वचा सिकुड़ती है, तो उनकी सतह पर छोटे-छोटे खांचे बन जाते हैं. ये खांचे पानी को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे गीली वस्तुओं पर पकड़ मजबूत हो जाती है. ठीक उसी तरह जैसे गाड़ी के टायरों में बने पैटर्न बारिश के पानी को हटाकर सड़क पर बेहतर ग्रिप प्रदान करते हैं.
प्राचीन समय में यह क्षमता हमारे पूर्वजों के लिए बेहद उपयोगी रही होगी. नदी, तालाब या गीले में खाना जुटाने, मछली पकड़ने और दूसरे कामों के दौरान मजबूत पकड़ उन्हें फायदा पहुंचाती थी. यही वजह है कि यह आज भी हमारे शरीर में मौजूद है. क्या पानी में उंगलियों का सिकुड़ना किसी बीमारी का संकेत है नहीं. यह पूरी तरह सामान्य और है. लगभग हर व्यक्ति के साथ ऐसा होता है. अंग्रेजी में इसे "प्रून फिंगर्स" या "प्रून स्किन" भी कहा जाता है. जैसे ही आप पानी से बाहर आते हैं और त्वचा सूखने लगती है, कुछ ही समय में उंगलियां और तलवे फिर से ठीक हो जाती है और वह अपने पहले जैसे हो जाती है.
सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम हमारे शरीर के कई कार्यों को नियंत्रित करता है. यह सांस लेने, हृदय गति और तनाव की स्थिति में शरीर की प्रतिक्रिया को संभालने में भूमिका निभाता है. इसलिए अगली बार जब आपकी उंगलियां पानी में रहने के बाद सिकुड़ जाएं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. यह ज्यादातर लोगों में होता है जब भी कभी आप पानी के संपर्क में तोड़ी देर रहते है तो उंगलियां सिकुड़ जाती है लेकिन जैसे ही आप पानी के संपर्क से दूर हो जाते है तोड़ी देर मे ठीक हो जाती है.
