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अगर एयरपोर्ट पर सिगरेट की लगी तलब तो क्या है उपाय, जानिए कश लेने वालों के लिए क्या रहता है इंतजाम

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
अगर एयरपोर्ट पर सिगरेट की लगी तलब तो क्या है उपाय, जानिए कश लेने वालों के लिए क्या रहता है इंतजाम

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): आज के समय में हवाई यात्रा करने वाले कई स्मोकर्स के मन में एक सवाल जरूर आता है कि अगर एयरपोर्ट पर सिगरेट पीने की तलब लग जाए तो क्या किया जाए? क्या एयरपोर्ट परिसर में कहीं भी सिगरेट पी जा सकती है या इसके लिए अलग व्यवस्था होती है? दरअसल, देश और विदेश के अधिकांश एयरपोर्ट्स पर स्मोकिंग को लेकर सख्त नियम लागू हैं. यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केवल तय स्थानों पर ही धूम्रपान की अनुमति दी जाती है.

एयरपोर्ट के सामान्य वेटिंग एरिया, चेक-इन हॉल, बोर्डिंग गेट, फूड कोर्ट या लाउंज में सिगरेट पीना पूरी तरह प्रतिबंधित होता है. यदि किसी यात्री को सिगरेट पीनी हो तो उसे एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा बनाए गए विशेष स्मोकिंग ज़ोन या स्मोकिंग लाउंज का ही इस्तेमाल करना होगा. ये जगहें आमतौर पर चारों ओर से बंद होती हैं और इनमें धुएं को बाहर निकालने के लिए विशेष वेंटिलेशन सिस्टम लगाया जाता है, ताकि अन्य यात्रियों को परेशानी न हो.

क्या हर एयरपोर्ट पर होता है स्मोकिंग ज़ोन?
भारत के कई बड़े एयरपोर्ट जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता में निर्धारित स्मोकिंग लाउंज बनाए गए हैं. हालांकि, सभी छोटे एयरपोर्ट पर यह सुविधा उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है. इसलिए यात्रा से पहले संबंधित एयरपोर्ट की सुविधाओं की जानकारी लेना बेहतर रहता है.

फ्लाइट के अंदर सिगरेट पीना पूरी तरह गैरकानूनी
अगर आप सोचते हैं कि विमान के वॉशरूम या किसी कोने में छिपकर सिगरेट पी सकते हैं, तो ऐसा करना भारी पड़ सकता है. दुनिया भर में लगभग सभी कमर्शियल फ्लाइट्स में स्मोकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध है. विमान के अंदर लगे स्मोक डिटेक्टर तुरंत धुआं पकड़ लेते हैं और अलार्म बज जाता है. यदि कोई यात्री फ्लाइट के अंदर या वॉशरूम में धूम्रपान करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. इसमें भारी जुर्माना, कानूनी कार्रवाई, जेल की सजा और भविष्य में एयरलाइन की 'नो-फ्लाई लिस्ट' में शामिल किए जाने जैसी सजा भी हो सकती है.

क्या बैग में सिगरेट ले जा सकते हैं?
हां, घरेलू उड़ानों में यात्री अपने साथ सीमित मात्रा में सिगरेट या तंबाकू उत्पाद ले जा सकते हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान अलग-अलग देशों के कस्टम नियम लागू होते हैं. कई देशों में सिगरेट की संख्या तय होती है और उससे अधिक मात्रा ले जाने पर अतिरिक्त शुल्क या कार्रवाई हो सकती है.

ई-सिगरेट और वेप का क्या नियम है?
कई लोग मानते हैं कि ई-सिगरेट या वेप का इस्तेमाल कहीं भी किया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है. अधिकांश एयरपोर्ट और एयरलाइंस ई-सिगरेट तथा वेप के उपयोग पर भी वही नियम लागू करते हैं जो सामान्य सिगरेट पर लागू होते हैं. भारत में ई-सिगरेट की बिक्री और वितरण पर पहले से ही कानूनी प्रतिबंध लागू है, इसलिए यात्रियों को इससे जुड़े नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान
•    एयरपोर्ट पहुंचने से पहले संबंधित एयरपोर्ट पर स्मोकिंग ज़ोन की उपलब्धता की जानकारी लें. 
•    केवल अधिकृत स्मोकिंग लाउंज में ही सिगरेट पिएं. 
•    फ्लाइट के अंदर या वॉशरूम में कभी भी धूम्रपान करने की कोशिश न करें. 
•    अंतरराष्ट्रीय यात्रा में सिगरेट ले जाने से पहले संबंधित देश के कस्टम नियम जरूर जांच लें. 
•    एयरलाइन और एयरपोर्ट के सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें. 
अगर आप नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं और हवाई यात्रा करने वाले हैं, तो नियमों की जानकारी पहले से होना जरूरी है. इससे न केवल आप कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं, बल्कि अपनी यात्रा भी बिना किसी परेशानी के पूरी कर सकते हैं.