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Hair Fall से हैं परेशान? शैंपू ही नहीं, रोजमर्रा की ये 5 गलतियां भी उड़ा सकती हैं आपके बाल! जानें बचाव के तरीके

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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टीनपी डेस्क (TNP DESK): बारिश का मौसम आते ही कई बीमारियों के साथ-साथ इसका असर बालों पर भी पड़ता है. अक्सर ऐसा देखा जाता है कि बालों का झड़ना एक आम समस्या बनती जा रही है. बदलते मौसम के साथ-साथ तनाव, नींद की कमी, खान-पान में गड़बड़ी और बालों की सही देखभाल न करना जैसी कई वजहें इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं. अक्सर लोग हेयर फॉल होते ही शैंपू, तेल या हेयर प्रोडक्ट्स बदलने लगते हैं, लेकिन अपनी रोजमर्रा की कुछ आदतों पर ध्यान नहीं देते. अगर आपके बाल सामान्य से ज्यादा झड़ रहे हैं, तो सिर्फ शैंपू को जिम्मेदार मानना सही नहीं है. रोजमर्रा की कई छोटी-छोटी गलतियां भी बालों की जड़ों को कमजोर कर सकती हैं.

गीले बालों में जोर से कंघी करना

बाल धोने के तुरंत बाद उन्हें जोर से कंघी करना एक आम गलती है. गीले बाल सूखे बाल कि तुलना में कमजोर होते हैं और आसानी से टूट सकते हैं. खासकर अगर बालों को खींचकर सुलझाया जाए तो हेयर ब्रेकेज बढ़ सकता है. इसलिए बाल धोने के बाद पहले उन्हें मुलायम और साफ तौलिए से हल्के हाथों से सुखाएं और कुछ देर धूप या फिर नैचुरल रूप से सूखने दें. जरूरत हो तो चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करें और बालों के सिरों से धीरे-धीरे सुलझाना शुरू करें.

बहुत टाइट हेयरस्टाइल बनाना

रोजाना बालों को बहुत कसकर बांधना भी नुकसान पहुंचा सकता है. टाइट पोनीटेल, बन या ऐसी हेयरस्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर लगातार खिंचाव रहता है, समय के साथ बाल टूटने या झड़ने की समस्या बढ़ा सकती है. इसलिए बालों को बहुत ज्यादा कसकर बांधने से बचें. लंबे समय तक एक ही तरह की टाइट हेयरस्टाइल रखने के बजाय बालों को खुला या ढीला रखना बेहतर हो सकता है.

बार-बार हीट और केमिकल ट्रीटमेंट

बालों को सीधा करने, कर्ल करने या स्टाइल करने के लिए बार-बार स्ट्रेटनर, कर्लर और बहुत गर्म ब्लो-ड्रायर का इस्तेमाल बालों को कमजोर कर सकता है. इसी तरह बार-बार हेयर कलर, ब्लीचिंग या केमिकल ट्रीटमेंट से बालों की बाहरी परत प्रभावित हो सकती है और टूटना बढ़ सकता है. अगर हीट स्टाइलिंग जरूरी हो तो कम तापमान का इस्तेमाल करें और बार-बार हीट देने से बचें. हेयर ट्रीटमेंट के बीच पर्याप्त अंतर रखना भी जरूरी है.

डाइट में पोषण की कमी

बालों की सेहत सिर्फ बाहर से इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट पर निर्भर नहीं करती. शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, जिंक और अन्य पोषक तत्व न मिलने पर कुछ लोगों में बालों का झड़ना बढ़ सकता है. बहुत ज्यादा क्रैश डाइट या तेजी से वजन कम करने की कोशिश भी बालों पर असर डाल सकती है. खाने में दाल, अंडे, दूध या अन्य प्रोटीन स्रोत, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक भोजन शामिल करें. अगर किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह हो तो बिना जांच के सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.

तनाव और नींद को नजरअंदाज करना

लगातार तनाव और खराब नींद का असर भी शरीर के साथ बालों पर पड़ सकता है. लंबे समय तक तनाव रहने पर कुछ लोगों में बालों का ज्यादा झड़ना देखने को मिल सकता है. इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेने, शारीरिक गतिविधि करने और तनाव कम करने की कोशिश करना जरूरी है. योग, एक्सरसाइज, वॉक या अपनी पसंद की किसी गतिविधि को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है.

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

हर बार बाल झड़ने का कारण सिर्फ खराब हेयर केयर रूटीन नहीं होता. अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें, सिर में गोल-गोल खाली पैच दिखाई दें, स्कैल्प में खुजली या लालिमा हो, बाल लगातार पतले होते जाएं या समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर कारण के अनुसार जांच की सलाह दे सकते हैं. खासकर बिना सलाह के हेयर फॉल की दवाएं या सप्लीमेंट शुरू करने से बचना चाहिए.