टीनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर कई लोग खाने-पीने की चीजों की एक्सपायरी डेट तो जरूर देखते हैं, लेकिन घर में इस्तेमाल होने वाले कई सामानों की तारीख पर ध्यान नहीं देते. कई बार यही लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है. दवाओं से लेकर सनस्क्रीन, मेकअप, सफाई के सामान और मसालों तक, कुछ घरेलू उत्पाद समय के साथ अपनी प्रभावशीलता खो देते हैं. ऐसे में सिर्फ यह सोचकर किसी सामान को लंबे समय तक इस्तेमाल करना सही नहीं है कि वह देखने में ठीक लग रहा है. आइए जानते हैं घर में मौजूद किन चीजों को समय-समय पर चेक करना जरूरी है.
दवाएं
ओवर-द-काउंटर और प्रिस्क्रिप्शन दोनों तरह की दवाओं पर एक्सपायरी डेट दी जाती है. तारीख बीतने के बाद दवा की प्रभावशीलता कम हो सकती है. खासकर आंखों की बूंदों और नाक के स्प्रे जैसे खुले उत्पादों में दूषित होने का जोखिम भी बढ़ सकता है. इसलिए किसी भी दवा का इस्तेमाल करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें और पुरानी दवाओं को मनमाने तरीके से इस्तेमाल करने से बचें.
एयर फिल्टर
एयर फिल्टर की कोई निश्चित एक्सपायरी डेट नहीं होती, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद उनकी कार्यक्षमता कम हो जाती है. HEPA फिल्टर को आमतौर पर 6 से 12 महीने के अंतराल पर बदलने की जरूरत पड़ सकती है. अगर घर में पालतू जानवर ज्यादा हैं, आसपास वायु प्रदूषण अधिक है या घर में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है, तो फिल्टर जल्दी गंदा हो सकता है. वहीं एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर को कई मामलों में 3 से 6 महीने में बदलने की सलाह दी जाती है.
मेकअप और स्किनकेयर
पुराने मेकअप और स्किनकेयर उत्पादों में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं. इससे त्वचा में जलन, मुंहासे या आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है. अगर किसी उत्पाद की गंध बदल गई है, रंग अलग हो गया है, वह सूख गया है या उसकी बनावट बदल गई है, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें. मेकअप और स्किनकेयर उत्पादों पर दिए गए उपयोग संबंधी निर्देशों का भी ध्यान रखना चाहिए.
मसाले
मसालों की एक्सपायरी को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. लंबे समय तक रखे रहने पर मसालों की खुशबू, स्वाद और रंग की तीव्रता कम हो सकती है. जरूरी नहीं कि पुराना मसाला तुरंत नुकसान पहुंचाए, लेकिन उसका स्वाद और गुणवत्ता पहले जैसी नहीं रहती. इसलिए किचन के मसाला रैक को समय-समय पर जांचना चाहिए.
सनस्क्रीन
सनस्क्रीन की एक्सपायरी डेट को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. समय के साथ इसमें मौजूद सक्रिय तत्व कम प्रभावी हो सकते हैं, जिससे त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से मिलने वाली सुरक्षा घट सकती है. खासकर अगर सनस्क्रीन लंबे समय तक तेज गर्मी या धूप में रखा गया हो, तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. इसलिए इस्तेमाल से पहले तारीख और स्टोरेज निर्देश जरूर देखें.
डिटर्जेंट और बेकिंग सोडा
बर्तन और कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट में मौजूद एंजाइम और सर्फेक्टेंट समय के साथ कमजोर हो सकते हैं. अगर डिटर्जेंट में गांठ पड़ गई है, उसकी गंध बदल गई है या वह पहले की तरह घुल नहीं रहा है, तो उसे बदलने का समय हो सकता है.
इसी तरह बेकिंग सोडा भी समय के साथ अपनी बेकिंग और गंध सोखने की क्षमता खो सकता है. बेकिंग के लिए खुले पैकेट को आमतौर पर 6 से 12 महीने के भीतर बदलना बेहतर माना जाता है. वहीं फ्रिज में गंध सोखने के लिए रखा बेकिंग सोडा करीब 1 से 3 महीने में बदल देना चाहिए. इसलिए अगली बार घर की अलमारी, बाथरूम या किचन साफ करते समय सिर्फ सामान की सफाई न करें, उनकी एक्सपायरी और हालत भी जरूर जांचें.
