LIFE STYLE

रोजमर्रा की जिंदगी के 5 मिथ्स, जिन्हें हम सच मानते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और, पढ़े

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
Copy Editor

टीनपी डेस्क (TNP DESK): हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में सेहत को लेकर कई ऐसी बातें कही जाती हैं, जिन्हें हम बिना सवाल किए सच मान लेते हैं. कभी घर के बड़े कोई नुस्खा बताते हैं, तो कभी सोशल मीडिया पर कोई हेल्थ टिप वायरल हो जाती है. इनमें से कुछ बातें सही हो सकती हैं, लेकिन हर सलाह हर व्यक्ति पर लागू हो, यह जरूरी नहीं. आइए जानते हैं रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ऐसे 5 हेल्थ मिथ्स, जिन्हें लोग आज भी सच मानते हैं.

खाना खाने के तुरंत बाद नहाने से पाचन खराब हो जाता है

कई घरों में कहा जाता है कि खाना खाने के तुरंत बाद नहाने से खाना ठीक से नहीं पचता. इसी वजह से लोग नहाने और खाना खाने के बीच लंबा अंतर रखते हैं. हालांकि, सामान्य तौर पर ऐसा कोई पक्का वैज्ञानिक नियम नहीं है कि खाना खाने के बाद नहाने से पाचन खराब हो जाएगा. हां, बहुत भारी खाना खाने के तुरंत बाद नहाने से कुछ लोगों को असहजता महसूस हो सकती है. इसलिए आराम से कुछ समय रुकना सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन इसे बीमारी से जोड़ना सही नहीं है.

ठंडा पानी पीने से सर्दी-जुकाम हो जाता है

गर्मी में ठंडा पानी पीते ही कई लोगों को घर से सलाह मिलती है कि इससे सर्दी-जुकाम हो जाएगा. लेकिन सामान्य सर्दी-जुकाम मुख्य रूप से वायरस के कारण होता है. सिर्फ ठंडा पानी पीने को इसका सीधा कारण नहीं माना जाता. हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को बहुत ठंडी चीजों से गले में परेशानी होती है, तो वह अपनी सुविधा के अनुसार सामान्य तापमान का पानी पी सकता है.

रात में दही खाने से हमेशा सर्दी होती है

दही को लेकर भी कई तरह की धारणाएं हैं. कुछ लोगों का मानना है कि रात में दही खाने से कफ या सर्दी हो जाती है. वास्तव में ऐसा हर व्यक्ति के साथ नहीं होता. दही पोषक तत्वों और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हो सकता है. हालांकि, जिन लोगों को दही खाने के बाद पेट संबंधी परेशानी या असहजता होती है, उन्हें अपनी डाइट डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए.

रोज 8 गिलास पानी पीना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है

आपने अक्सर सुना होगा कि स्वस्थ रहने के लिए हर व्यक्ति को रोज 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. लेकिन पानी की जरूरत सभी लोगों के लिए एक जैसी नहीं होती. मौसम, शारीरिक गतिविधि, खान-पान और शरीर की जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा बदल सकती है. गर्मी या ज्यादा मेहनत के दौरान शरीर को अधिक तरल पदार्थ की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए सिर्फ गिलास गिनने के बजाय शरीर की जरूरत और प्यास पर भी ध्यान देना जरूरी है.

खाना छोड़ने से वजन जल्दी कम होता है

वजन कम करने की कोशिश में कई लोग खाना छोड़ना शुरू कर देते हैं. उन्हें लगता है कि जितना कम खाएंगे, वजन उतनी तेजी से घटेगा. लेकिन लंबे समय तक खाना छोड़ना कमजोरी और पोषण की कमी जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है. वजन कम करने के लिए संतुलित आहार, उचित मात्रा और नियमित शारीरिक गतिविधि ज्यादा महत्वपूर्ण है. अगर वजन घटाना है, तो क्रैश डाइट के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर विकल्प है.

हर सुनी-सुनाई बात को न मानें सच

रोजमर्रा की जिंदगी में सेहत से जुड़ी सलाह हमें परिवार, दोस्तों और सोशल मीडिया से लगातार मिलती रहती है. लेकिन हर बात वैज्ञानिक रूप से सही हो, यह जरूरी नहीं. खासकर किसी बीमारी, दवा या डाइट से जुड़ा फैसला केवल इंटरनेट की जानकारी के आधार पर नहीं लेना चाहिए.