टीनपी डेस्क (TNP DESK): अक्सर कई लोगों को आदत होती है बाहर जाने से पहले डियोड्रेंट लगाने कि लेकिन कुछ लोगों में तो देखा गया है कि घर में रहने के वावजूद डियोड्रेंट लगाना पसंद करते है. लेकिन अगर देखा जाए तो गर्मी हो या बारिश, पसीने की बदबू से बचने के लिए ज्यादातर लोग रोजाना डियोड्रेंट का इस्तेमाल करते हैं. ऑफिस जाना हो, कॉलेज या किसी पार्टी में शामिल होना हो, डियोड्रेंट आज कई लोगों की डेली रूटीन का हिस्सा बन चुका है. लेकिन क्या हर दिन डियोड्रेंट लगाना पूरी तरह सुरक्षित है? क्या इसे गलत तरीके से इस्तेमाल करने से त्वचा को नुकसान हो सकता है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही तरीके से और सही उत्पाद का चयन करके डियोड्रेंट का इस्तेमाल किया जाए तो यह सुरक्षित हो सकता है. हालांकि कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है.
डियोड्रेंट और एंटीपर्सपिरेंट में क्या है अंतर?
बहुत से लोग डियोड्रेंट और एंटीपर्सपिरेंट को एक ही समझते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग काम करते हैं. डियोड्रेंट का मुख्य उद्देश्य शरीर से आने वाली दुर्गंध को कम करना होता है. वहीं एंटीपर्सपिरेंट पसीने की मात्रा को कम करने का काम करता है. इसमें ऐसे तत्व हो सकते हैं जो कुछ समय के लिए पसीने की ग्रंथियों को ब्लॉक करते हैं. इसलिए खरीदने से पहले लेबल पढ़ना जरूरी है कि आप कौन-सा उत्पाद इस्तेमाल कर रहे हैं.
क्या रोजाना डियोड्रेंट लगाना सुरक्षित है?
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार यदि आपकी त्वचा सामान्य है और आप अच्छी गुणवत्ता वाला डियोड्रेंट इस्तेमाल करते हैं, तो रोजाना इसका उपयोग आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. लेकिन यदि डियोड्रेंट लगाने के बाद खुजली, लालपन, जलन या रैशेज जैसी समस्या हो रही है, तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए. संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को बिना अल्कोहल और कम खुशबू वाले उत्पाद चुनने की सलाह दी जाती है.इन बातों का रखें खास ध्यान
इन बातों का रखें खास ध्यान
- डियोड्रेंट हमेशा साफ और सूखी त्वचा पर लगाएं.
- शेविंग या वैक्सिंग के तुरंत बाद इसका इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे जलन हो सकती है.
- जरूरत से ज्यादा मात्रा में स्प्रे करने से बचें.
- एक्सपायरी डेट वाला उत्पाद कभी इस्तेमाल न करें.
- यदि त्वचा पर कट, घाव या संक्रमण हो तो डियोड्रेंट लगाने से बचें.
कब हो सकती है परेशानी?
कुछ लोगों को डियोड्रेंट में मौजूद खुशबू, अल्कोहल या अन्य रसायनों से एलर्जी हो सकती है. ऐसे में त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन, खुजली या सूजन हो सकती है. यदि ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. लंबे समय तक किसी भी उत्पाद का गलत इस्तेमाल त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा पर असर डाल सकता है.
सही डियोड्रेंट कैसे चुनें
डियोड्रेंट खरीदते समय अपनी त्वचा के प्रकार का ध्यान रखें. यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो फ्रेगरेंस-फ्री, अल्कोहल-फ्री या डर्मेटोलॉजिस्ट टेस्टेड उत्पाद चुनें. जिन लोगों को बहुत ज्यादा पसीना आता है, उन्हें डॉक्टर की सलाह से उपयुक्त एंटीपर्सपिरेंट का चयन करना चाहिए. किसी भी नए उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना भी फायदेमंद हो सकता है.
सिर्फ डियोड्रेंट पर न रहें निर्भर
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर की दुर्गंध से बचने के लिए केवल डियोड्रेंट पर निर्भर रहना सही नहीं है. रोजाना स्नान करना, साफ कपड़े पहनना, पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार लेना भी उतना ही जरूरी है. यदि अत्यधिक पसीना या तेज दुर्गंध की समस्या लगातार बनी रहती है, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है. ऐसे में डॉक्टर से जांच कराना बेहतर रहेगा.
