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क्या आप भी सुबह उठते ही मोबाइल देखते हैं? जानिए इससे शरीर और दिमाग पर क्या असर पड़ता है

Rashmi Prasad CE
Copy Editor
क्या आप भी सुबह उठते ही मोबाइल देखते हैं? जानिए इससे शरीर और दिमाग पर क्या असर पड़ता है

टीनपी डेस्क (TNP DESK): आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. अलार्म बंद करने से लेकर सोशल मीडिया, ईमेल और खबरें पढ़ने तक, कई लोगों की सुबह की शुरुआत मोबाइल से होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुबह आंख खुलते ही मोबाइल देखने की आदत आपकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है? हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिन की शुरुआत स्क्रीन से करने के बजाय कुछ समय खुद को देना ज्यादा फायदेमंद होता है.

तनाव और चिंता बढ़ सकती है

सुबह उठते ही अगर आप सोशल मीडिया, ऑफिस के मैसेज या न्यूज देखने लगते हैं, तो दिमाग तुरंत कई तरह की जानकारियों से भर जाता है. इससे तनाव और चिंता का स्तर बढ़ सकता है. खासकर अगर कोई नकारात्मक खबर या काम से जुड़ा संदेश दिख जाए, तो पूरा दिन प्रभावित हो सकता है.

दिमाग को नहीं मिलता आराम

नींद से जागने के बाद दिमाग को सामान्य रूप से सक्रिय होने के लिए कुछ समय चाहिए. लेकिन जैसे ही आप मोबाइल स्क्रीन देखते हैं, दिमाग को एक साथ कई तरह की सूचनाएं मिलने लगती हैं. इससे मानसिक थकान महसूस हो सकती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी प्रभावित होती है.

आंखों पर पड़ता है असर

सुबह उठते ही तेज रोशनी वाली मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव पड़ सकता है. इससे आंखों में जलन, सूखापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक यह आदत बनी रहे तो आंखों की परेशानी बढ़ सकती है.

मूड पर पड़ सकता है असर

अगर दिन की शुरुआत दूसरों की पोस्ट, सफलता या लाइफस्टाइल देखकर होती है, तो कई लोगों में तुलना की भावना बढ़ जाती है. इससे आत्मविश्वास कम हो सकता है और मूड भी खराब हो सकता है. इसलिए सुबह का पहला समय सोशल मीडिया के बजाय खुद के लिए रखना बेहतर माना जाता है.

एकाग्रता हो सकती है कम

बार-बार नोटिफिकेशन देखने की आदत दिमाग को बार-बार भटकाती है. इससे किसी भी काम पर लंबे समय तक ध्यान लगाना मुश्किल हो सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुबह का पहला घंटा जितना शांत रहेगा, पूरे दिन आपकी उत्पादकता उतनी ही बेहतर हो सकती है.

नींद का असर भी हो सकता है खराब

अगर सुबह उठते ही मोबाइल देखने की आदत है, तो अक्सर रात में भी लोग देर तक फोन इस्तेमाल करते हैं. इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है. पर्याप्त और अच्छी नींद न मिलने पर थकान, चिड़चिड़ापन और याददाश्त से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं.

सुबह क्या करें?

सुबह उठने के बाद कम से कम 20 से 30 मिनट तक मोबाइल से दूरी बनाने की कोशिश करें. इस दौरान एक गिलास पानी पिएं, हल्की स्ट्रेचिंग करें, कुछ मिनट ध्यान या प्राणायाम करें, खुली हवा में टहलें या परिवार के साथ समय बिताएं. अगर अलार्म के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, तो अलार्म बंद करने के बाद उसे तुरंत एक तरफ रख दें.

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?

मनोवैज्ञानिक और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुबह का समय मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. यदि दिन की शुरुआत शांत वातावरण, सकारात्मक सोच और बिना स्क्रीन के होती है, तो तनाव कम रहता है, फोकस बेहतर होता है और पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है.