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मानसून में घर को सीलन और फंगस से बचाने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

Rashmi Prasad CE
Copy Editor
मानसून में घर को सीलन और फंगस से बचाने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

टीनपी डेस्क (TNP DESK): एक तरफ जहां बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई परेशानियां भी लेकर आता है. इनमें सबसे आम समस्या है घर में सीलन और फंगस का बढ़ना. दीवारों पर काले धब्बे, बदबू, पेंट का उखड़ना और लकड़ी के फर्नीचर का खराब होना मानसून के दौरान अक्सर देखने को मिलता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह सिर्फ घर की सुंदरता ही नहीं बिगाड़ता, बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकता है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपने घर को सीलन और फंगस से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं.

घर में हवा का सही आवागमन बनाए रखें

मानसून में नमी बढ़ने के कारण घर के अंदर हवा का प्रवाह कम हो जाता है. ऐसे में कोशिश करें कि दिन में जब भी मौसम साफ हो, खिड़कियां और दरवाजे कुछ समय के लिए जरूर खोलें. इससे ताजी हवा अंदर आएगी और अतिरिक्त नमी बाहर निकल जाएगी. जिन कमरों में धूप कम आती है, वहां एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद हो सकता है.

दीवारों और छत की लीकेज तुरंत ठीक कराएं

यदि घर की छत या दीवारों में कहीं से पानी रिस रहा है तो उसे नजरअंदाज न करें. छोटी-सी लीकेज भी धीरे-धीरे बड़ी सीलन का कारण बन सकती है. मानसून शुरू होने से पहले या बारिश के दौरान ही वाटरप्रूफिंग और मरम्मत का काम करवा लेना बेहतर रहता है. इससे दीवारों पर फंगस बनने की संभावना काफी कम हो जाती है.

फर्नीचर को दीवार से थोड़ा दूर रखें

लकड़ी के फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल सटाकर रखने से नमी जमा हो सकती है. इसलिए अलमारी, सोफा या बेड को दीवार से कुछ इंच की दूरी पर रखें. इससे हवा का प्रवाह बना रहेगा और फर्नीचर में सीलन लगने की संभावना कम होगी. समय-समय पर फर्नीचर को सूखे कपड़े से साफ करना भी जरूरी है.

बाथरूम और किचन की सफाई पर दें विशेष ध्यान

घर के बाथरूम और किचन में सबसे ज्यादा नमी रहती है. इन जगहों पर फंगस तेजी से पनप सकती है. इसलिए नियमित रूप से फर्श, टाइल्स और दीवारों की सफाई करें. सफाई के दौरान एंटी-फंगल क्लीनर या हल्के कीटाणुनाशक का उपयोग किया जा सकता है. इस्तेमाल के बाद बाथरूम को सूखा रखने की कोशिश करें.

नमी सोखने वाले उत्पादों का करें इस्तेमाल

अगर घर में ज्यादा नमी रहती है तो डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier) या मॉइस्चर एब्जॉर्बर का इस्तेमाल किया जा सकता है. छोटे कमरों, अलमारी या स्टोर रूम में सिलिका जेल पैक या चारकोल बैग भी नमी कम करने में मदद कर सकते हैं. इससे कपड़ों और दस्तावेजों को भी सीलन से बचाया जा सकता है.

फंगस दिखते ही तुरंत करें सफाई

यदि दीवारों या छत पर फंगस के धब्बे दिखाई दें तो उन्हें लंबे समय तक न छोड़ें. शुरुआती अवस्था में ही सफाई करने से समस्या बढ़ने से रोकी जा सकती है. सफाई करते समय दस्ताने और मास्क पहनना बेहतर होता है, क्योंकि फंगस के सूक्ष्म कण सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं.

स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान

सीलन और फंगस सिर्फ घर को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि एलर्जी, अस्थमा और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकते हैं. बच्चों, बुजुर्गों और पहले से श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. यदि घर में लगातार बदबू, फंगस या नमी बनी रहती है तो उसकी वजह का पता लगाकर स्थायी समाधान करना जरूरी है.