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क्या आप भी किसी पब्लिक wifi का इस्तेमाल करते हैं, तो हो जाए सावधान! आपका बैंक अकाउंट हो सकता है खाली

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है. कुछ घंटे इंटरनेट से दूर रहना भी कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, कैफे, मॉल, हॉस्पिटल, कॉन्फ्रेंस सेंटर या किसी दूसरे सार्वजनिक स्थान पर पहुंचते ही लोग वहां उपलब्ध Public Wi-Fi से अपने मोबाइल और लैपटॉप को कनेक्ट कर लेते हैं. फ्री इंटरनेट की यह सुविधा भले ही आसान लगती हो, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा का बड़ा खतरा भी जुड़ा है.Microsoft ने Public Wi-Fi नेटवर्क से जुड़े एक ऐसे साइबर अटैक कैंपेन की पहचान की है, जिसमें नकली लॉगिन पेज, फर्जी सॉफ्टवेयर अपडेट और phishing तकनीकों के जरिए यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा है. इसलिए किसी भी अनजान या खुले Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट होते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.

Captive Portal के जरिए हो सकता है खेल

Microsoft ने 31 जुलाई को जारी अपनी रिपोर्ट में CaptiveCrunch नाम के साइबर अटैक कैंपेन का जिक्र किया. इस अभियान में हमलावर Public Wi-Fi से जुड़े साइन-इन सिस्टम को निशाना बनाते हैं. जब कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक Wi-Fi नेटवर्क से जुड़ता है तो अक्सर उसके सामने एक Captive Portal खुलता है. इस पेज पर आमतौर पर नियम और शर्तें स्वीकार करने या किसी अन्य प्रक्रिया के बाद इंटरनेट इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है.साइबर अपराधी इसी व्यवस्था का फायदा उठा सकते हैं. वे असली लॉगिन पेज जैसा दिखने वाला नकली पेज तैयार कर सकते हैं और यूजर से Login Details, Software Update या किसी फाइल को डाउनलोड करने के लिए कह सकते हैं. देखने में पूरा पेज सामान्य लग सकता है, जिससे यूजर आसानी से धोखा खा सकता है.

असली Microsoft Login जैसा दिख सकता है नकली पेज

Public Wi-Fi से जुड़ने के बाद अगर कोई ऐसा पेज सामने आता है, जो Microsoft या किसी दूसरी लोकप्रिय कंपनी के Login Page जैसा दिखाई देता है, तो बिना जांचे उस पर अपनी जानकारी दर्ज करना खतरनाक हो सकता है.Microsoft के अनुसार हमलावर DNS और HTTP Traffic में बदलाव कर यूजर को उसकी इच्छित वेबसाइट की जगह किसी दूसरे पेज पर भेजने की कोशिश भी कर सकते हैं. इस तरह Login Details और Session Information हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है.

Device Code Authentication का भी दुरुपयोग

साइबर अपराधी Microsoft की वैध Device Code Authentication प्रक्रिया को भी phishing के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तरीके में यूजर को एक कोड दिया जाता है और उसे Microsoft की असली वेबसाइट पर दर्ज करने के लिए कहा जाता है.खतरा यह है कि वेबसाइट असली होने के बावजूद इस्तेमाल किया जाने वाला Code हमलावर की ओर से तैयार किया गया हो सकता है. ऐसे में यूजर को यह महसूस नहीं होता कि उसकी Authentication प्रक्रिया का फायदा कोई दूसरा व्यक्ति उठा रहा है.

AI से और स्मार्ट हो रहे साइबर हमले

Microsoft के मुताबिक Storm-2945 नाम के समूह की साइबर गतिविधियों में AI के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं. इसमें Device Code और OAuth आधारित phishing जैसी तकनीकों का इस्तेमाल शामिल है. AI के इस्तेमाल से साइबर अपराधी फर्जी पेज और संदेशों को ज्यादा विश्वसनीय बनाने तथा कुछ प्रक्रियाओं को तेज करने की कोशिश कर सकते हैं.

Malware से चोरी हो सकता है निजी डेटा

अगर कोई यूजर Public Wi-Fi से जुड़े किसी संदिग्ध पेज पर जाकर Fake Update, Software या Command चला देता है, तो उसके डिवाइस में Malware पहुंच सकता है. इसके बाद हमलावर Keyboard पर टाइप की गई जानकारी, Screenshots, Browser Cookies और Saved Passwords जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं.कुछ Malware सिस्टम पर Remote Commands चलाने या इंटरनेट ट्रैफिक को हमलावर के नियंत्रण वाले Proxy के जरिए भेजने की क्षमता भी रखते हैं. यानी एक छोटी सी गलती का असर केवल डिवाइस तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि उससे जुड़े Email, Social Media, Banking या दूसरे Online Accounts तक पहुंच सकता है.

Android यूजर्स भी रहें सतर्क

यह खतरा केवल Windows Users तक सीमित नहीं है. Android Users को भी Public Wi-Fi इस्तेमाल करते समय सावधानी रखनी चाहिए. कुछ Fake Pages यूजर्स को बाहरी स्रोतों से APK File डाउनलोड कर उसे Install करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. इसलिए किसी अनजान Wi-Fi Login Page से APK या Unknown App डाउनलोड करने से बचें.

Public Wi-Fi इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

संभव हो तो संवेदनशील काम जैसे Online Banking, Payment या जरूरी Login के लिए Public Wi-Fi की जगह Mobile Data या अपना Personal Hotspot इस्तेमाल करें. अगर Public Wi-Fi का इस्तेमाल करना जरूरी है, तो VPN एक अतिरिक्त सुरक्षा परत दे सकता है.सबसे जरूरी बात यह है कि Public Wi-Fi के Login Page पर दिखने वाले किसी अनजान Software Update, APK, App या Command को डाउनलोड न करें. Password, OTP और अन्य संवेदनशील जानकारी भी बिना सत्यापन के दर्ज न करें.
फ्री Wi-Fi की सुविधा जरूर लें, लेकिन भरोसा करने से पहले नेटवर्क और Login Page की विश्वसनीयता जरूर जांचें. साइबर सुरक्षा में थोड़ी सी सावधानी आपके डेटा और Online Accounts को बड़े नुकसान से बचा सकती है.