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क्या आप भी असली और नकली सिल्क साड़ी की पहचान नहीं कर पाते? इन 9 ट्रिक्स से खरीदारी में नहीं होगी गलती

Rashmi Prasad CE
Copy Editor
क्या आप भी असली और नकली सिल्क साड़ी की पहचान नहीं कर पाते? इन 9 ट्रिक्स से खरीदारी में नहीं होगी गलती

टीनपी डेस्क (TNP DESK): शादी हो या  त्योहार, हर किसी को साड़ी पहनना पसंद होता है. खासकर सुहागिन महिलाओं को सिल्क साड़ी पहनने का अपना अलग ही आकर्षण होता है. सिल्क की रॉयल चमक और खूबसूरत डिजाइन हर महिला के लुक को खास बना देते हैं. यही वजह है कि ज्यादातर महिलाओं की अलमारी में एक न एक सिल्क साड़ी जरूर होती है. लेकिन आज के समय में बाजार में असली सिल्क के नाम पर नकली या आर्टिफिशियल सिल्क भी बड़ी संख्या में बिक रही है. नकली सिल्क साड़ियां दिखने में इतनी आकर्षक होती हैं कि पहली नजर में इनके बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में अगर आप महंगी सिल्क साड़ी खरीदने जा रही हैं, तो कुछ आसान तरीकों से असली और नकली सिल्क की पहचान कर सकती हैं.

बर्निंग टेस्ट से करें पहचान
सिल्क की असलियत जांचने के लिए बर्निंग टेस्ट सबसे पुराने तरीकों में से एक है. इसके लिए पूरी साड़ी जलाने की जरूरत नहीं है. साड़ी के किनारे से एक छोटा सा धागा निकालकर उसे जलाकर देखें. अगर धागा जलने पर बालों के जलने जैसी गंध आती है और उसकी राख काली व आसानी से टूटने वाली होती है, तो सिल्क असली हो सकता है. वहीं अगर धागा प्लास्टिक की तरह पिघलने लगे और गांठ बन जाए, तो यह सिंथेटिक या नकली सिल्क होने का संकेत है.

हाथ से रगड़कर देखें
असली सिल्क प्राकृतिक फाइबर से बना होता है. जब इसे दोनों हथेलियों के बीच रगड़ा जाता है, तो हल्की गर्माहट महसूस होती है. वहीं नकली या सिंथेटिक सिल्क को रगड़ने पर ऐसी गर्मी महसूस नहीं होती और कपड़ा ठंडा ही रहता है.

रिंग टेस्ट से करें जांच
यह तरीका हल्की सिल्क साड़ियों जैसे चिनिया सिल्क और क्रेप सिल्क में काफी उपयोगी होता है. साड़ी के कपड़े को एक छोटी अंगूठी के बीच से निकालकर देखें. असली सिल्क बेहद मुलायम और लचीला होता है, इसलिए वह आसानी से निकल जाएगा. नकली सिल्क अक्सर फंस जाता है या मुड़ने लगता है.

सिल्क की चमक को ध्यान से देखें
असली सिल्क की चमक प्राकृतिक होती है. जब आप इसे अलग-अलग कोण से देखते हैं, तो इसका रंग थोड़ा बदलता हुआ नजर आ सकता है. वहीं नकली सिल्क में अक्सर एक जैसी तेज और कृत्रिम चमक दिखाई देती है.

जरी के काम की जांच करें
कई सिल्क साड़ियों में जरी का काम किया जाता है. असली जरी में सोने या चांदी के तारों का इस्तेमाल किया जाता है. साड़ी को उल्टा करके देखें. अगर पीछे की तरफ धागे बहुत ज्यादा उभरे हुए या असमान दिख रहे हैं, तो यह मशीन से बने काम का संकेत हो सकता है.

कीमत से भी समझें अंतर
असली सिल्क तैयार करने की प्रक्रिया काफी मेहनत वाली होती है, इसलिए इसकी कीमत भी अधिक होती है. अगर कोई दुकानदार बहुत कम कीमत में प्योर कांजीवरम या बनारसी सिल्क देने का दावा करता है, तो खरीदने से पहले अच्छी तरह जांच जरूर करें.

कपड़े का टेक्सचर महसूस करें
असली सिल्क छूने में बेहद मुलायम और स्मूथ होता है. इसे हाथ लगाने पर मखमली अहसास मिलता है. नकली सिल्क कई बार थोड़ा कड़ा या प्लास्टिक जैसा महसूस हो सकता है.

बुनाई की बारीकी देखें
हैंडलूम सिल्क साड़ियों में बुनाई के छोटे-छोटे अंतर या निशान दिखाई दे सकते हैं, जो उनकी खासियत होती है. वहीं मशीन से बनी नकली साड़ियां अक्सर पूरी तरह एक जैसी और ज्यादा परफेक्ट दिखाई देती हैं.

पानी की बूंद वाला टेस्ट
साड़ी के किसी छोटे हिस्से पर पानी की एक बूंद डालकर देखें. असली सिल्क पानी को धीरे-धीरे सोख लेता है, जबकि सिंथेटिक सिल्क पर पानी की बूंद ऊपर रह सकती है या फिसल सकती है. सिल्क साड़ी खरीदते समय केवल उसकी चमक और डिजाइन देखकर फैसला न करें. कपड़े की गुणवत्ता, बुनाई, कीमत और इन आसान जांचों को ध्यान में रखकर ही खरीदारी करें. थोड़ी सावधानी बरतने से आप महंगी साड़ी खरीदते समय नकली सिल्क से बच सकती हैं और लंबे समय तक अपनी पसंदीदा साड़ी का आनंद ले सकती हैं.