Jharkhand

गढ़वा में रक्षा बंधन के दिन तीन की मौत,परिवार में मातम

Samir Hussain
Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

गढ़वा: जिले में रक्षाबंधन का त्योहार तीन परिवारों के लिए मातम में बदल गया. एक तरफ बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने और उनके लौटने का इंतजार करती रहीं, तो दूसरी तरफ तीन घरों में मौत की खबर पहुंच गई. दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. पहली घटना कांडी में भीषण सड़क हादसे की है, जबकि दूसरी घटना नगर ऊंटारी रेलवे स्टेशन की है, जहां कैंटीन संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

कांडी-मझिआंव सड़क पर दो लोगों की मौत

पहली घटना कांडी-मझिआंव मुख्य पथ की है, जहां चोरांटी पहाड़ी के पास भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मृतकों की पहचान कांडी थाना क्षेत्र के लमारी गांव निवासी राधेश्याम उरांव और चटनियां गांव निवासी रुपेश राम के रूप में हुई है.वहीं, घायलों में रुपेश राम की 50 वर्षीय मां उत्तीमा देवी और ओलमा गांव निवासी रामबरन चौधरी शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक, राधेश्याम उरांव मोटरसाइकिल से तेज रफ्तार में कांडी की ओर जा रहे थे.

चोरांटी पहाड़ी के समीप उनकी बाइक ने सड़क किनारे मवेशी चरा रहे बुजुर्ग रामबरन चौधरी को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में रामबरन चौधरी के दोनों पैरों समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं. घटना की सूचना मिलते ही कांडी थाना पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को कांडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा रेफर कर दिया.

लेकिन सदर अस्पताल ले जाने के दौरान राधेश्याम उरांव और रुपेश राम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं, उत्तीमा देवी और रामबरन चौधरी का इलाज सदर अस्पताल में जारी है. घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटना में शामिल दोनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच में जुटी है.

नगर ऊंटारी रेलवे स्टेशन संदिग्ध परिस्थिती में एक की मौत

वहीं, दूसरी घटना नगर ऊंटारी रेलवे स्टेशन की है, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में कैंटीन संचालक दया पांडेय की मौत हो गई. दया पांडेय नगर थाना क्षेत्र के जासा गांव के रहने वाले थे और नगर ऊंटारी रेलवे स्टेशन पर कैंटीन चलाते थे. बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन स्थित उनकी कैंटीन में सांप निकल आया था. दया पांडेय ने कुछ साथियों की मदद से सांप को मार दिया.

इसके बाद वह कैंटीन में ही बैठे रहे.कुछ देर बाद जब पलामू एक्सप्रेस का समय हुआ तो स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने लगी. कुछ लोग कैंटीन पर सामान लेने पहुंचे, लेकिन दया पांडेय ने कोई जवाब नहीं दिया. लोगों ने दोबारा आवाज लगाई, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी जगह से नहीं उठे. दया पांडेय के इस तरह कोई प्रतिक्रिया नहीं देने पर लोगों को शक हुआ. इसकी सूचना स्टेशन कर्मियों को दी गई. मौके पर पहुंचे कर्मियों ने कैंटीन के अंदर जाकर देखा तो दया पांडेय अचेत अवस्था में पड़े थे. आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाने की सलाह दी. इसके बाद उन्हें गढ़वा सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.