Tnp desk: झारखंड के चर्चित विधायक डॉक्टर जयराम महतो में कुछ तो खास है. वह कुछ ना कुछ ऐसे सामाजिक कार्य करते हैं, जिनकी चर्चा स्वाभाविक रूप से होने लगती है. फिलहाल वह 15 महीना से स्कूल के शिक्षकों को अपने निजी वेतन से मानदेय का भुगतान कर रहे हैं. वह चाहते हैं की परेशानी चाहे जो भी हो, लेकिन बच्चों की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए. उन्हें अपने बचपन का दिन अभी भी याद है. जब पढ़ाई के लिए उन्हें दोस्त और मित्रों से सहायता लेनी पड़ी थी और शायद यही वजह है कि वह बच्चों की पढ़ाई को लेकर अधिक जागरूक और संवेदनशील रहते हैं
जानकारी के अनुसार डुमरी के कुलगो के ग्रामीण जनता उच्च विद्यालय के शिक्षकों का वह अपने निजी वेतन से भुगतान कर रहे हैं. ग्रामीणों के सहयोग से यह स्कूल शुरू हुआ था, लेकिन यह स्कूल आर्थिक संकट से अभी भी उबर नहीं पाया है. को रोना के समय स्कूल बंद हो गया, तब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी. इसके बाद डुमरी विधायक ने स्कूल को दोबारा चालू करने की पहल शुरू की. पिछले 15 महीनो से वह अपने निजी वेतन से शिक्षकों को मानदेय दे रहे हैं.
दरअसल, डुमरी का यह इलाका ग्रामीण परिवेश वाला है. कुलगो में सरकारी स्कूल की दूरी करीब 6 से 8 किलोमीटर होने के कारण वर्ष 2000 में स्थानीय ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से ग्रामीण जनता उच्च विद्यालय की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य गांव के बच्चों को घर के आसपास ही शिक्षा उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़े. शुरुआत में ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल का संचालन होता रहा, लेकिन समय के साथ आर्थिक परेशानियां बढ़ने लगीं. कोरोना काल में स्थिति ऐसी हो गई कि स्कूल बंद करना पड़ा. इसका सीधा असर यहां पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ा और शिक्षकों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया.
इसके बाद डॉ जयराम कुमार महतो ने स्कूल को फिर से शुरू कराने में सहयोग किया. विधायक बनने के बाद उन्होंने इसकी जिम्मेदारी उठाई और अपने निजी वेतन से शिक्षकों को मानदेय देना शुरू किया. पिछले करीब 15 महीनों से उनके सहयोग से स्कूल का संचालन जारी है. वर्तमान में ग्रामीण जनता उच्च विद्यालय में करीब 140 से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. स्कूल का संचालन जारी रहने से इन बच्चों को अपने गांव के आसपास शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है.
रिपोर्ट:प्रकाश महतो
