Jharkhand

सिमडेगा: ASI को ट्रैक्टर से कुचलने के मामले में 3 गिरफ्तार, अवैध बालू तस्करी से जुड़ा है मामला

Rashmi Prasad
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सिमडेगा (SIMDEGA): सदर थाना क्षेत्र के खूंटी टोली चौक के पास ड्यूटी के दौरान एएसआई अरुण कुमार सिंह को ट्रैक्टर से कुचलकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में नया मोड़ आया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित गोप, विजय डुंगडुंग और ट्रैक्टर मालिक बालकेश्वर ग्वाला के रूप में हुई है. बता दे, घटना 9 अगस्त की देर रात की बताई जा रही है. एसडीपीओ सिमडेगा धर्मदेव पासवान के अनुसार, पुलिस की टीम गश्ती पर थी. इसी दौरान तामड़ा रोड की ओर से अवैध बालू लदे दो ट्रैक्टर आते दिखाई दिए. पुलिसकर्मियों ने दोनों ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और एएसआई अरुण कुमार सिंह को कुचलते हुए मौके से फरार हो गए. हादसे में एएसआई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए रांची रेफर किया गया. फिलहाल उनका इलाज रांची में चल रहा है.

घटना की गंभीरता को देखते हुए सिमडेगा एसपी के निर्देश पर विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया. टीम ने मामले की जांच शुरू करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया. जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर सबसे पहले रोहित गोप और विजय डुंगडुंग को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान घटना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई. पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बताया कि ट्रैक्टर मालिक बालकेश्वर ग्वाला के निर्देश पर अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों को वहां से ले जाया जा रहा था. पुलिस अब इस पूरे मामले में अवैध बालू कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की भी जानकारी जुटाने में लगी है.

मिली जानकारी के अनुसार, दो आरोपियों के आधार पर पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक बालकेश्वर ग्वाला को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने तीनों आरोपियों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. वहीं, मामले की जांच अभी जारी है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय दोनों ट्रैक्टरों में कौन-कौन लोग मौजूद थे और अवैध बालू परिवहन के पीछे कितने लोगों की भूमिका थी. इस घटना ने एक बार फिर अवैध बालू परिवहन और तस्करी के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.