Jharkhand

सरायकेला में जहरीले सांप के काटने से भाई-बहन की मौत, इलाज में देरी के कारण नहीं बची जान

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):झारखंड के सरायकेला जिले से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है, जहां जहरीले सांप के काटने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि पूरा मामला सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड अंतर्गत संतारी गांव का है. जानकारी के मुताबिक, दोनों बच्चे घर में सो रहे थे, तभी जहरीले सांप ने दोनों भाई-बहन को डस लिया. इलाज समय पर नहीं मिलने की वजह से दोनों की मौत हो गई. मृतकों में सचिन जोंको के 11 वर्षीय पुत्र शिवा जोंको और 13 वर्षीय बेटी सीमा जोंको शामिल हैं. वहीं, इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है.

घर में सोने के दौरान सांप ने काटा

अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक भाई-बहन घर में सो रहे थे. तभी नींद में ही एक सांप ने उन्हें डस लिया. तुरंत उठकर दोनों ने घरवालों को बताया कि उन्हें किसी चीज ने काटा है, लेकिन लोग समझ नहीं पाए कि उन्हें जहरीले सांप ने काटा है. इलाज में देरी होने की वजह से दोनों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5 बजे सांप ने बच्चों को डसा था, लेकिन उन्हें अस्पताल ले जाने में 11 बज गए. इतने समय तक काफी देर हो चुकी थी.

बिना किसी देरी के तुरंत पहुंचे अस्पताल बच जाएगी जान

आपको बता दें कि बरसात के दिनों में सर्पदंश का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन लोगों में जागरूकता होने पर कई लोगों की जान बचाई जा सकती है. सभी लोगों से अपील है कि अगर किसी व्यक्ति को जहरीला सांप काटता है, तो बिना किसी देरी के स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर के पास जाएं. झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दोनों बच्चों को समय पर इलाज मिल गया होता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी.जहरीले सांप के काटने पर समय पर अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों की निगरानी में एंटी-स्नेक वेनम दिए जाने से मरीज की जान बचाई जा सकती है. इसलिए सर्पदंश की स्थिति में बिना देरी किए अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है.