साहिबगंज (SAHIBGANJ): जिले के तालझारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच गई है. डॉक्टरों की कमी, एंबुलेंस सुविधा का अभाव और सीमित चिकित्सा संसाधनों के कारण क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है. इससे मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
तालझारी प्रखंड आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संथाल आदिवासी और आदिम जनजातीय समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक और आवश्यक सुविधाएं नहीं होने के कारण उन्हें निराश होना पड़ता है.
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का कहना है कि यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है. कई मामलों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद साहिबगंज सदर अस्पताल या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है. इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है और समय पर इलाज भी प्रभावित होता है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क दुर्घटना, प्रसव पीड़ा या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में सबसे बड़ी समस्या एंबुलेंस की होती है. तालझारी CHC में पर्याप्त एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीजों को निजी वाहनों के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है. कई बार देरी के कारण मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश करती है. अस्पताल की वर्तमान स्थिति स्वास्थ्य विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर रही है. झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के दावों के बीच तालझारी जैसे दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है. लोगों का कहना है कि आज भी इन इलाकों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का गंभीर अभाव बना हुआ है.
जेएलकेएम एसटी मोर्चा के साहिबगंज जिला अध्यक्ष राजेंद्र पहाड़िया ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात करती है, लेकिन तालझारी जैसे क्षेत्रों में लोगों को मूलभूत चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति, पर्याप्त एंबुलेंस व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी.
तालझारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजन ने भी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी स्वीकार की. उन्होंने बताया कि फिलहाल एक ही डॉक्टर के सहारे पूरे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है, जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है. अब स्थानीय लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग पर है कि वह इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कब और क्या कदम उठाता है.
रिपोर्ट : गोविंद ठाकुर
