Jharkhand

साहिबगंज: पहली ही बारिश में ढही फोरलेन की गार्ड वॉल, करोड़ों की परियोजना पर उठे सवाल

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

साहिबगंज (SAHIBGANJ): झारखंड के साहिबगंज जिले में निर्माणाधीन मिर्जाचौकी-फरक्का फोरलेन परियोजना पहली ही तेज बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है. मस्कलेया गांव के समीप सड़क किनारे बनाई गई गार्ड वॉल बारिश के बाद अचानक ढह गई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से पहली ही बारिश में संरचना धराशायी हो गई.

गार्ड वॉल टूटने के बाद बारिश के पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है. इसका असर आसपास के खेतों पर साफ दिखाई दे रहा है, जहां धान की फसल पानी में डूब गई है. किसानों का कहना है कि जलभराव के कारण उनकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. वहीं लगातार पानी जमा रहने से आसपास के घरों में भी पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है.

ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप किया गया होता, तो पहली ही बारिश में गार्ड वॉल नहीं टूटती. लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया और करोड़ों रुपये की परियोजना में अनियमितताएं बरती गईं.

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. साथ ही दोषी निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, किसानों के खेतों से जल्द जल निकासी की व्यवस्था करने और क्षतिग्रस्त गार्ड वॉल का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने की मांग उठाई है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. फिलहाल इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

रिपोर्ट: गोविंद ठाकुर