Jharkhand

सरकारी बैठक में BDO साहब की कुर्सी पर बैठे नेता जी, चुनाव आयोग ने कर दी बड़ी कार्रवाई, दो अधिकारियों पर गिरी गाज

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
सरकारी बैठक में BDO साहब की कुर्सी पर बैठे नेता जी, चुनाव आयोग ने कर दी बड़ी कार्रवाई, दो अधिकारियों पर गिरी गाज

साहिबगंज (SAHIBGANJ): झारखंड के साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड में सामने आए चर्चित ‘कुर्सी कांड’ का असर अब प्रशासनिक स्तर पर दिखने लगा है. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में दो सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.

जानकारी के अनुसार, उधवा प्रखंड में आयोजित एक सरकारी बैठक के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रखंड अध्यक्ष अयूब अली खान कथित रूप से बीडीओ की कुर्सी पर बैठकर बैठक में शामिल हुए थे. इस दौरान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया.

मामले की जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग तक पहुंचने पर इसकी जांच कराई गई. जांच में यह पाया गया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. आरोप है कि एक राजनीतिक दल के पदाधिकारी को सरकारी बैठक में विशेष महत्व दिया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए.

जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में कई अनियमितताओं के संकेत मिले. जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. साथ ही पूरे मामले में आरोप पत्र गठित कर विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं. निर्वाचन आयोग का मानना है कि अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती और निर्वाचन संबंधी नियमों का उल्लंघन किया. इसी आधार पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है.

इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. विपक्षी दलों ने भी मामले को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधा है. भाजपा नेताओं ने इसे प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है. विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी अधिकारियों या संबंधित लोगों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है.

रिपोर्ट : गोविंद ठाकुर