साहिबगंज (SAHIBGANJ): क्या संथाल परगना में हिन्दू बेटियाँ मुस्लिम समुदाय के उन जिहादीयों के निशाने पर हैं जो धर्म के नाम पर भोली-भाली लड़कियों को ठग रहे हैं. आखिर क्यों लव जिहाद के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं, जो न सिर्फ किसी मासूम की ज़िंदगी बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर रहे हैं. ताज़ा मामला झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शिवगादी धाम मंदिर का है जहां, कथित तौर पर एक मुस्लिम युवक और नाबालिग हिंदू लड़की के विवाह का मामला सामने आया है.
ऐसे में घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान बरहेट के संथाली मोमिन टोला निवासी मुन्नवर अंसारी के रूप में बताई जा रही है, जबकि युवती रांगा थाना क्षेत्र के लखीपुर गांव की रहने वाली बताई गई है. आरोप है कि दोनों ने शिवगादी धाम मंदिर के गर्भगृह के समीप विवाह की रस्में निभाईं. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद युवती की मां ने बरहेट थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की.
शिकायत के बाद पुलिस ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जब्त कर ली है. अधिकारियों के अनुसार, फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई. इसके साथ ही पुलिस युवती की वास्तविक उम्र, दोनों के संबंधों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी सत्यापन कर रही है. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा. आवेदन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार का कानून उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी.
घटना सामने आने के बाद इलाके में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचने की अपील की है. पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और कानून के दायरे में की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.