Jharkhand

क्या गौरव वल्लभ बनेंगे बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवार? झारखंड की सियासत में हलचल तेज

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड प्रभारी नितिन नवीन के दो दिवसीय रांची दौरे ने राजनीतिक गलियारों का तापमान और बढ़ा दिया है. 8 जून को नामांकन की अंतिम तिथि से पहले भाजपा अपने उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी में है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए प्रखर अर्थशास्त्री और भाजपा नेता गौरव वल्लभ को झारखंड से राज्यसभा भेजा जा सकता है. उनके नाम पर पार्टी नेतृत्व के स्तर पर सहमति बनने की चर्चा है और किसी भी समय आधिकारिक घोषणा हो सकती है. 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि गौरव वल्लभ को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाता है तो भाजपा एक साथ कई राजनीतिक संदेश देने में सफल होगी. पार्टी को संसद में एक मजबूत वक्ता और आर्थिक मामलों की गहरी समझ रखने वाला चेहरा मिलेगा, वहीं झारखंड को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक बौद्धिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है. 

झारखंड से पुराना रहा है नाता
गौरव वल्लभ का झारखंड से जुड़ाव केवल राजनीतिक नहीं बल्कि अकादमिक भी रहा है. राजस्थान के जोधपुर में जन्मे वल्लभ ने अपने पेशेवर जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखंड में बिताया है. उन्होंने रांची स्थित ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) समेत कई प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में लेखांकन और अर्थशास्त्र का अध्यापन किया है. वित्त (फाइनेंस) विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर चुके गौरव वल्लभ वर्तमान में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समूह से भी जुड़े हुए हैं. आर्थिक मामलों पर उनकी पकड़ और टीवी बहसों में उनकी प्रभावशाली उपस्थिति उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला चुकी है. 

जमशेदपुर पूर्वी से लड़ चुके हैं चुनाव
गौरव वल्लभ पहले कांग्रेस में थे और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में गिने जाते थे. वर्ष 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जमशेदपुर पूर्वी सीट से चुनाव लड़ा था. यह वही चुनाव था जिसमें सरयू राय ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था. उस त्रिकोणीय मुकाबले में गौरव वल्लभ तीसरे स्थान पर रहे थे. बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया. अब यदि भाजपा उन्हें राज्यसभा भेजती है तो यह उनके राजनीतिक सफर का एक बड़ा पड़ाव माना जाएगा. 

भाजपा नेतृत्व की नजरें फिलहाल राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर टिकी हैं और नितिन नवीन के रांची दौरे के बीच गौरव वल्लभ का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है. अब सभी की निगाहें पार्टी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं.