रांची (RANCHI): राज्यसभा चुनाव की तपिश बढ़ती जा रही है. पहले झामुमो-कांग्रेस और भाजपा अपने उम्मीदवार के जीत के दावे कर रही थी. लेकिन अब नाथवानी के साथ रेड्डी की इंट्री ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया.ऐसे में अब राजनीतिक गलियारी में चर्चा शुरू हो गई की क्या राज्य में हॉर्स ट्रेडिंग का खेल हो सकता है. फिलहाल अब सभी की नजर नामांकन पर है. आखिर कितने उम्मीदवार पर्चा दाखिल करते है.
सबसे पहले अब तक नामांकन पर्चा खरीदने वाले नेताओं की बात कर लेते है. सबसे पहले कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा पार्टी नेताओं के साथ विधानसभा पहुंचे और नामांकन पर्चा खरीद कर अपनी जीत के दावे किया. तो इनके बाद भाजपा नेता गौरव वल्लव ने भी पर्चा खरीद लिया. लेकिन आखिर में परिमल नाथवानी और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के पूर्व सांसद वी. विजयसाई रेड्डी की इंट्री हुई. दोनों ने नामांकन पर्चा खरीद लिया.
ऐसे में अब दोनों के इंट्री से चुनाव दिलचस्प हो गया. आखिर अब तक 21 विधायक के साथ भाजपा चुनाव में जीत का दम भर रही थी तो दूसरी तरफ 16 विधायकों के साथ कांग्रेस ने उम्मीदवार उतार दिया. लेकिन दोनों के दावे के बीच अब परिमल नाथवानी के इंट्री की खबर सामने आई. साथ ही वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सांसद वी. विजयसाई रेड्डी ने भी पर्चा खरीद कर सरगर्मी बढ़ा दी है.
अब परिमल नाथवानी की बात कर लेते है. नाथवानी 2008 से लगातार 2020 तक झारखंड से राज्यसभा सांसद रहे. इसके बाद वह 2020 के राज्यसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश से YRS कॉंग्रेस से तीसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए. अब इनका कार्यकाल 2026 में खत्म हो गया. ऐसे में अब चौथी बार राज्यसभा जाने के लिए वापस से झारखंड पहुंचे है. अब माना जा रहा है कि नाथवानी की इंट्री से साफ है कि राज्य में सब कुछ तय हो चुका है. और नाथवानी इसमें एक सीट पर बाजी मार लेंगे.
अगर आकड़ों पर गौर करें तो राज्य में दो सीट जीतने के लिए 56 विधायकों की जरूरत होगी. जो वर्तमान में झामुमो-कांग्रेस-राजद-माले के पास है. अगर गठबंधन में सब कुछ ठीक रहा तो दोनों सीट इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार जीत सकते है. एक सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैजनाथ राम की जीत तय है.जबकि दूसरे सीट पर प्रणव झा को अगर झामुमो-राजद-माले समर्थन करते है तब इनका रास्ता साफ होगा. इधर 21 विधायकों के साथ भाजपा भी अपनी जीत का दावेदारी कर रही है. भाजपा का मानना है कि अंतर आत्मा की आवाज सुन कर उन्हे विधायक वोट करेंगे.
इस बीच अब नाथवानी की इंट्री से साफ है कि हो सकता है भाजपा उन्हे समर्थन कर दे और बाकी विधायक भी उनके साथ समर्थन का ऐलान कर दे. ऐसे में जोड़ घटाव करने में एक्सपर्ट नाथवानी विधायकों से संपर्क कर सकते है.जिससे उनकी जीत पक्की हो सके.
राज्य में हॉर्स ट्रेडिंग का डर
झारखंड में राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायकों के खरीद फरोख्त का आरोप लगा चुकी है. झामुमो ने इसे लेकर एक पत्र भी चुनाव आयोग को लिखा था जिसमें मांग की थी राज्य में हॉर्स ट्रेडिंग हो सकता है. ऐसे में अब सभी बाहरी बड़े नेता और कारोबारी की इंट्री से चर्चा शुरू हो गई की झारखंड में एक सीट झामुमो और दूसरी सीट पर खेल हो जाएगा.
