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Jharkhand

स्टेट बार काउंसिल का अगला अध्यक्ष कौन? आज होगा फैसला, अभय चतुर्वेदी और निलेश कुमार के बीच टक्कर

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड स्टेट बार काउंसिल की नई कमान किसके हाथों में होगी, इसका फैसला आज होने जा रहा है. राज्य के अधिवक्ताओं के बीच लंबे समय से चर्चा का विषय बने काउंसिल के पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर बुधवार, 4 नवंबर को मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है. रांची के डोरंडा स्थित झारखंड स्टेट बार काउंसिल कार्यालय में हो रहे इस चुनाव पर पूरे राज्य के वकीलों की नजरें लगी हुई हैं. खास तौर पर अध्यक्ष पद का मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है, जहां वरिष्ठ अधिवक्ता अभय कुमार चतुर्वेदी और निलेश कुमार के बीच सीधी टक्कर है. चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मुख्य चुनाव पदाधिकारी जस्टिस अंबुज नाथ की निगरानी में मतदान कराया जा रहा है. इस चुनाव की एक अहम बात यह है कि वोटिंग पूरी होने के बाद उसी दिन मतगणना भी होगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे. यानी आज ही यह साफ हो जाएगा कि आने वाले कार्यकाल में बार काउंसिल की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी.

अध्यक्ष पद के चुनावी समीकरण में उस समय बदलाव आया, जब इस पद के एक अन्य प्रत्याशी पवन रंजन खत्री ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. उनके मैदान से हटने के बाद अब मुकाबला सीधे अभय कुमार चतुर्वेदी और निलेश कुमार के बीच सिमट गया है. दोनों उम्मीदवारों के समर्थक अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं. वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए भी मुकाबला कम रोचक नहीं है. इस पद पर कुल चार उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. इनमें रिंकू भकत, अनिल कुमार महतो, मधुलता रानी और मृत्युंजय कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं. सभी प्रत्याशी अपनी दावेदारी को मजबूत करने में जुटे हैं. दूसरी ओर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के प्रतिनिधि सदस्य के चुनाव में भी त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है. इस पद के लिए संजय कुमार विद्रोही, प्रशांत कुमार सिंह और मनोज कुमार (द्वितीय) आमने-सामने हैं. ऐसे में अध्यक्ष के साथ-साथ उपाध्यक्ष और बीसीआई प्रतिनिधि पद के नतीजों को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है.

इस पूरे चुनाव में कुल 26 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें बार काउंसिल के 25 निर्वाचित सदस्य और झारखंड के महाधिवक्ता शामिल हैं. मतदाताओं की सीमित संख्या के कारण हर एक वोट बेहद अहम माना जा रहा है. यही वजह है कि चुनाव से पहले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने समर्थन जुटाने के लिए लगातार संपर्क और बैठकों का दौर चलाया. चुनावी रणनीति बनाने से लेकर संभावित वोटों का आकलन करने तक, हर स्तर पर जोड़-तोड़ की कोशिशें होती रहीं. काउंसिल के भीतर भी इस बार के चुनाव को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. अब सभी की निगाहें मतदान और मतगणना पर टिकी हैं. मतदान संपन्न होते ही वोटों की गिनती शुरू होगी और परिणाम सामने आएंगे. इसके साथ ही झारखंड के अधिवक्ताओं को उनका नया अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और बीसीआई प्रतिनिधि मिल जाएगा. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अध्यक्ष पद की इस सीधी लड़ाई में अभय कुमार चतुर्वेदी बाजी मारेंगे या निलेश कुमार के सिर जीत का सेहरा सजेगा.