Jharkhand

कौन था गैंगस्टर सुजीत सिन्हा? जेल से चलाता था हुकूमत, जानिए अपराध से मुठभेड़ तक की पूरी कहानी  

Samir Hussain
Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

रांची(RANCHI): गैंगस्टर सुजीत सिन्हा एनकाउंटर में मारा गया. 03 अगस्त की देर रात जामताड़ा जिले में पुलिस मुठभेड़ में ढ़ेर हो गया. इस एनकाउंटर के साथ ही एक गैंगस्टर के अध्याय का समापन भी हुआ है. ऐसे में सवाल है कि आखिर सुजीत सिन्हा कितना कुख्यात था और कैसे जेल से ही अपनी हुकूमत चला रहा था. पलामू से शुरू हुई दबंगई कैसे कई जिलों तक पहुंची. क्या है सुजीत सिन्हा की पूरी कहानी.

2006 में पहली बार गया जेल 2007 में कर दिया डबल मर्डर

अगर सबसे पहले बात गैंगस्टर के अपराध की कर ले तो इसकी फेहरिस्त लंबी है. 60 से अधिक केस इसके खिलाफ अलग अलग जिले में दर्ज है. पलामू, लातेहार, चतरा, रांची, धनबाद, हजारीबाग समेत अन्य जिलों में इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है. हत्या की साजिश, रंगदारी, अपहरण, आर्म्स एक्ट जैसे धारा में केस चल रहा है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक पहली बार मेदिनीनगर के सदर थाना क्षेत्र में पहली बार फायरिंग केस में सुजीत सिन्हा जेल गया था. यह समय 2006 से 07 के बीच का था. जब जेल से वह बाहर आया तब उसने 2007 में पलामू के मेदिनीनगर में दो भाई की हत्या का दी. इस हत्याकांड के बाद वह  सुर्खियों में आया था. इसी मामले में वह आजीवन कारावास की सजा भी काट रहा था.

जेल से चल रहा था साम्राज्य

लंबे समय से जेल में होने के बावजूद सुजीत सिन्हा का गैंग बढ़ता चला गया. पलामू से निकल कर रांची, हजारीबाग, धनबाद, रामगढ़ समेत अन्य जिले में इसके अपराध का साम्राज्य खड़ा हुआ. बताया जाता है सुजीत सिन्हा के निशाने पर बड़े कारोबारी रहते है. खास कर कोयला कारोबार में सीधा हस्तक्षेप करता था. जहां से करोड़ों रुपये रंगदारी के रूप में हर महीने वसूले जाते थे. जेल में होने के बावजूद सुजीत सिन्हा अपने गुर्गों को निर्देश देता था. जेल में फोन के इस्तेमाल से लेकर बैठकी तक करता था. जेल के बाहर चल रही सभी गतिविधि की जानकारी उसे रहती थी.

प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा में गठजोड़

जेल में होने के बावजूद सुजीत सिन्हा गैंग और प्रिंस खान गैंग के बीच गठजोड़ का भी खुलासा किया गया था. पुलिस ने बताया था की सुजीत सिन्हा गैंग पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार की सप्लाई मँगवाता है फिर उस हथियार से झारखंड में वारदात को अंजाम देता है. प्रिंस खान गैंग और सुजीत सिन्हा गैंग के गठजोड़ के बाद एक नया संगठन कोयलंचल शांति सेना के निर्माण की भी खबरे सामने आई थी. जिसमें दोनों गैंगस्टर के गुर्गे साथ काम कर रहे है. ऐसा खुलासा पुलिस के जांच में हुआ था. यानि जेल से पूरे मैनेजमेंट को सुजीत संभालता था.      

जेल से पार्टी की कई तस्वीर आई सामने

कई बार सुजीत सिन्हा की जेल के अंदर पार्टी करने की तस्वीर सामने आई है. जिसमें जेल में होने के बावजूद वह शराब के जाम छलकाते दिखा था. बताया जाता है कि वह तस्वीर पलामू सेंट्रल जेल की थी. हलाकी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी. लेकिन बताया जाता है कि इसी तस्वीर सामने आने के बाद सुजीत सिन्हा को पलामू सेंट्रल जेल से साहिबगंज सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था. साल 2025 के अक्टूबर में साहिबगंज जेल भेजा गया था. तब से इसी जेल में बंद था. लेकिन सुरक्षा कारणों से सुजीत सिन्हा को साहिबगंज से धनबाद भेजा जा रहा था.

हमेशा के लिए शांत हो गया गैंगस्टर

इसी बीच जामताड़ा जिला के सदर थाना क्षेत्र में पुलिस गाड़ी खराब हुई. गाड़ी खराब होने के बाद पुलिस ने उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कर आगे ले जाना चाहा. लेकिन इस दौरान खबर आई की सुजीत सिन्हा भागने की कोशिश कर रहा था. जवान का हथियार छीन लिया. जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और गैंगस्टर को हमेशा के लिए शांत कर दिया. उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया.               

                                      

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