Jharkhand

Maiya Samman : किसने मंईयां को लगा दिया कतार में, सीएम भी सुनकर रह गए हैरान, समीक्षा बैठक के दौरान सत्यापन के खेल पर खुला बड़ा राज़

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
Maiya Samman : किसने मंईयां को लगा दिया कतार में, सीएम भी सुनकर रह गए हैरान, समीक्षा बैठक के दौरान सत्यापन के खेल पर खुला बड़ा राज़

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में बीते दिनों मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के सत्यापन का कार्य जारी था. पर जब मुख्यमंत्री ने खुद ही प्रज्ञा केंद्र के संचालक से पूछा गया की यह सत्यापन किसके आदेश पर किया जा रहा है तो जो जवाब सामने से आया वह चौकाने वाला है. दरअसल हालही में राज्य के विभिन्न जिलों में सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी. इसे लेकर कई जिलों से अलग-अलग तस्वीर भी सामने आई जहां कई जगह पर कड़ी धूप में महिलायें सत्यापन के लिए लंबी-लंबी कतारों में नजर आईं. जिसके कारण कई जगह पर महिलायें उमस भारी गर्मी से बेहोश भी हो गईं थी. ऐसे में मुख्यमंत्री ने यह आदेश भी दिए थे की राज्य की मंईयांओं को सत्यापन के नाम पर परेशान ना किया जाए. वहीं जब अलग विभागोनकी समीक्षा बैठक चल रही थी तब मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही बैठक में CHC संचालक से पूछा था की सत्यापन, आखिर किसके आदेश पर हो रहा है. इसपर संचालक ने जवाब दिया था की सचिव के आदेश पर सत्यापन कराया जा रहा है. 

बताते चलें कि 11 मई से 18 मई तक सभी ग्रामीण इलाकों की हर पंचायत और शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया गया है, जिसके बाद 19 मई से 24 मई तक पंचायत और वार्ड स्तर से मिली जानकारी का संकलन हुआ है. इसमें अयोग्य या अपात्र पाए गए लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं जहां 25 मई से 27 मई के बीच मृत, अयोग्य और अनुपस्थित लाभुकों की अंतिम सूची तैयार कर पंचायत भवन और अंचल कार्यालय के सूचना पट पर सार्वजनिक की गई थी. वहीं प्राप्त आपत्तियों के निष्पादन के बाद 29 मई को अंतिम रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेज दी गई है. 

ऐसे में अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सामने आई बातचीत से यह स्पष्ट हो रहा है की मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना ही जिले में सत्यापन का कार्य चल रहा था. साथ ही इससे पहले भी मुख्यमंत्री ने यह आदेश दिए थे की सत्यापन के नाम पर मंईयां योजना की लाभुकों को बेवजह परेशान ना किया जाए. ऐसे में अब देखने वाली बात होगी की इस मामले पर मुख्यमंत्री क्या रुख अपनाते हैं.