Jharkhand

जेल से कौन बना रहा प्रिंस खान का नेटवर्क,खुलासे से उड़ी पुलिस की नींद

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

रांची(RANCHI): धनबाद का कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गैंग को लेकर चौकाने वाला खुलासा हुआ है. जेल में बंद अपराधी गैंग के नेटवर्क को चला रहे है. साथ ही हथियार और पैसे मुहैया करा कर फिर से बड़ी वारदात की साजिश रचने में लगे है. धनबाद पुलिस के खुलासे से रांची में हड़कंप मच गया. साजिश रचने का सेंटर रांची का बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारा है. इस जेल में बंद दो कुख्यात अपराधी गैंग को आगे बढ़ाने में लगे है.

बताया जा रहा है कि बीते दिनों चिरकुंडा थाना क्षेत्र में प्रिंस खान का शूटर रिजवान गिरफ्तर हुआ. इसके पास से 30 से ज्यादा कारतूस और 2 पिस्टल बरामद किए गए. जिसके बाद उससे पूछताछ में कई खुलासे सामने आए है. पुलिस को जानकारी मिली की रिज़वान को हथियार खरीदने के लिए पैसा जेल में बंद अमन और कुबेर के द्वारा भेजवाया गया. रिजवान ने पुलिस को बताया है कि दोनों ने उससे साफ कहा था की हथियार जमा करो पैसे की कोई दिक्कत नहीं होगी. उसे पैसे पहुंच जाएंगे.

रिजवान ने बताया है कि उसे जेल में बंद कुबेर और अमन ने फोन किया था. व्हाट्सअप कॉल कर उससे कहा गया है कि वह रांची जेल में बंद है. उन्हे दूसरे जेल शिफ्ट करने की तैयारी है. इससे पहले हथियार और कारतूस इकट्ठा कर लो. उसने खुलासा किया है कि विदेश से जेल में बंद अमन और कुबेर को प्रिंस खान प्लान बताता है उसके बाद फिर जेल से अन्य लोगों से संपर्क कर बाहर प्रिंस खान के प्लान को धरातल पर उतारते थे. साथ ही गिरफ़्तारी के समय खुलासा हुआ था की रेलवे टेंडर और धनबाद में कई बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना थी. लेकिन समय पर गिरफ़्तारी हुई और एक बड़ा खुलासा हुआ.

अब समझिए की आखिर अमन और कुबेर कौन है. बीते 07 मार्च 2026 को रांची के एयरपोर्ट स्तिथ टीटॉस होटल में गोली चली. जिसमें एक वेटर की जान चली गई. इसके पीछे जांच में वजह सामने आई की रंगदारी ना देने के वजह से घटना को अंजाम दिया गया.साथ ही इसकी जिम्मेवारी प्रिंस खान गैंग ने ली थी. जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और जांच में खुलासा हुआ की अमन और कुबेर नाम के व्यक्ति इसमें शामिल है. साथ ही रेकी करने से लेकर सहयोग करने वालों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया.

लेकिन कुबेर और अमन रांची से भाग निकले. जिसके बाद रांची पुलिस धनबाद पहुंची और भागाबांध थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान अपराधियों से मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में दो अपराधी घायल हुए और फिर दोनों को गिरफ्तर किया गया. गिरफ्तार अपराधियों में अमन और कुबेर ही थे. जिन्हे रांची पुलिस कस्टडी में लेकर रांची पहुंची और रांची के बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारा में बंद है. लेकिन जेल से ही अब नई कहानी की शुरुआत हो गई.

मामले के खुलासा होने के बाद सवाल जेल की सुरक्षा को लेकर भी उठा है. आखिर कैसे और किस तरह से जेल के अंदर फोन इस्तेमाल किया जा रहा है. जेल में जैमर के बावजूद बड़े ही आराम से अपराधी फोन का इस्तेमाल कर गैंग का नेटवर्क बनाने में जुटे है. अब देखना होगा की इस खुलासे के बाद क्या जेल में सुरक्षा कड़ी की जाएगी. या फिर खानापूर्ति कर बस इस कहानी को दबा दिया जाएगा.