रांची (RANCHI): राजधानी रांची में बच्चों के लापता होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे अभिभावकों और आम लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है. हाल के दिनों में कई बच्चों के अचानक गायब होने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं. पहले अंश और अंशिका, फिर अदिति और अब धुर्वा इलाके से दो और बच्चों के लापता होने की खबर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है, लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
ताजा मामला रांची के धुर्वा क्षेत्र का है, जहां से 1 जून को दो बच्चे रहस्यमय परिस्थितियों मंर लापता हो गए, परिवार के अनुसार दोनों बच्चे सुबह करीब 10 बजे घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे. काफी खोजबीन के बावजूद अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है. बच्चों के गायब होने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और परिजन लगातार पुलिस तथा प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं.
परिजनों ने बताया कि दोनों बच्चों की उम्र करीब 12 वर्ष है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं. परिवार के लोगों का कहना है कि बच्चे अक्सर रिश्तेदारों के घर आते-जाते रहते थे, इसलिए शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद वे किसी परिचित के घर गए होंगे, लेकिन जब काफी देर तक बच्चों का कोई पता नहीं चला और उनसे संपर्क भी नहीं हो सका, तब परिवार की चिंता बढ़ गई, इसके बाद परिजनों ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली.
बच्चों के मामा ने बताया कि दोनों बच्चे आसपास के इलाके में छोटे-मोटे काम भी करते थे और सामान्य रूप से अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहते थे, उनके अचानक गायब होने से पूरा परिवार सदमे में है. परिवार का कहना है कि वे हर संभव जगह बच्चों की तलाश कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
इस मामले को लेकर जब THE NEWS POST की टीम ने स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बच्चों के लगातार लापता होने की घटनाओं पर चिंता जताई, कई लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को और अधिक सक्रिय होने की जरूरत है. लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते रोक लगाई जा सके.
हालांकि कई लोगों ने यह भी कहा कि केवल प्रशासन को दोष देना पर्याप्त नहीं है, अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाएं, स्थानीय लोगों ने समाज की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि यदि किसी इलाके में कोई बच्चा अकेला या संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे, तो लोगों को उसकी मदद करने और उसके परिवार तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए.
फिलहाल दोनों बच्चों की तलाश जारी है और परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही कोई सकारात्मक खबर मिलेगी, वहीं शहर के लोग भी यह जानना चाहते हैं कि रांची पुलिस इस मामले को कितनी जल्दी सुलझा पाती है. लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाना अब समय की मांग बन गया है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह की पीड़ा का सामना न करना पड़े.
रिपोर्ट : सौम्या शुक्ला
