Jharkhand

अब जेल में गूंजेगी शहनाई! होटवार बनेगा शादी-ब्याह का नया ठिकाना, जानिए क्या है तैयारी

Varsha Varma CE
Copy Editor
अब जेल में गूंजेगी शहनाई! होटवार बनेगा शादी-ब्याह का नया ठिकाना, जानिए क्या है तैयारी

रांची(RANCHI): अब तक कैदियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहने वाला होटवार जेल जल्द ही एक नई और अनोखी पहचान हासिल करने जा रहा है. जल्द ही यहां शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी, बारातें आएंगी और शादी-ब्याह के साथ-साथ सामाजिक समारोहों का आयोजन होगा. दरअसल, होटवार जेल परिसर स्थित विशाल कम्युनिटी हॉल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है.

जेल आईजी के निर्देश पर कम्युनिटी हॉल को किराए पर उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है. हॉल का नवीनीकरण किया जा रहा है, जिस पर करीब 87 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं. लक्ष्य है कि दिसंबर तक रिनोवेशन का काम पूरा कर इसे शादी, जन्मदिन, सालगिरह और सामाजिक आयोजनों के लिए बुकिंग के लिए खोल दिया जाए.

जेल अधीक्षक के. चंद्रशेखर और जेलर लवकुश कुमार की निगरानी में चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत हॉल को आकर्षक टाइल्स, झूमरों और आधुनिक सुविधाओं से सजाया जा रहा है. कोशिश है कि यहां आने वाले मेहमानों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े.

 

करीब 3 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने इस कम्युनिटी हॉल में एक स्टेज भी तैयार किया गया है. इसके बावजूद यहां एक साथ लगभग 4 हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी. महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. वहीं, आयोजन में शामिल होने वाले लोगों के गाड़ी के लिए जेल परिसर के सामने खाली मैदान में पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है.

सुरक्षा को लेकर भी विशेष योजना बनाई गई है. आयोजन स्थल और जेल के संवेदनशील हिस्सों के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाएगी. हॉल तक पहुंचने के लिए अलग प्रवेश और निकासी मार्ग तैयार किए जाएंगे. हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और निगरानी के लिए टीम तैनात रहेगी. हॉल से जेल की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद रखे जाएंगे ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो.

जेल अधीक्षक के. चंद्रशेखर का कहना है कि इस हॉल का इस्तमाल साल में केवल एक-दो बार ही बड़े आयोजनों के लिए होता था, जबकि इसके रखरखाव पर लगातार खर्च होता है. ऐसे में इसे कम शुल्क पर आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने से एक ओर सरकार को राजस्व मिलेगा, वहीं दूसरी ओर लोगों को कम खर्च में बेहतर जगह की सुविधा भी मिल सकेगी.