Jharkhand

झारखंड में google, Microsoft सहित दर्जनों कंपनियां करेगी 1 लाख करोड़ का निवेश,मुख्यमंत्री ने किए Mau

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
झारखंड में google,  Microsoft सहित दर्जनों कंपनियां करेगी 1 लाख  करोड़ का निवेश,मुख्यमंत्री ने किए Mau

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): होटल ताज में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन2026 का समापन हो गया. इस दौरान राज्य के विकास की इबारत लिखी गई. युवा झारखंड को बुलेट की रफ्तार से हर सेक्टर में आगे ले जाने का संकल्प राज्य सरकार ने दोहराया है. साथ हि देश दुनिया के नामी कंपनी के साथ राज्य में निवेश का समझौता किया गया. साथ हि पर्यटन से लेकर ई गवर्नन्स के साथ साथ एआई को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया. कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा अब माइंस से माइंड्स पर ले जाने का समय है.        

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्य में नवाचार और शोध के संस्थानों का स्वागत है. राज्य के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर समग्र रूप से कार्य करते हुए नई तकनीकी नवाचार के बल पर राज्य को रिसर्च एवं इनोवेशन के हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य के साथ झारखंड को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ना है.

कार्यक्रम के दौरान उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, हरित ऊर्जा और ई-गवर्नेंस समेत विभिन्न क्षेत्रों में कुल 14 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए. इन समझौतों के माध्यम से राज्य में ₹99,639 करोड़ से अधिक के संभावित निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ. प्रमुख निवेशकों में जिंदल स्टील, जिंदल न्यूक्लियर पावर, गूगल क्लाउड, वाधवानी ग्रुप, टाटा मोटर्स, ईजमाईट्रिप सहित कई राष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियां शामिल रहीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये एमओयू केवल कागजी समझौते नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य की नई संभावनाओं का आधार हैं. उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में धरातल पर उतारने और निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

कंसल्टेशन के दौरान झारखंड सरकार ने विजन-2050 के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सुशासन और डिजिटल परिवर्तन का व्यापक रोडमैप भी प्रस्तुत किया. प्रस्तावित एआई नीति 2026-2031 के जरिए शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खनन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई है. सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) और क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS) जैसी एआई आधारित पहल शुरू करने की घोषणा की. साथ ही अगले पांच वर्षों में डिजिटल और एआई अवसंरचना पर ₹1,150 करोड़ निवेश का प्रस्ताव रखा गया है. राज्य सरकार ने रांची में 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित करने, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने तथा एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार सृजित करने का लक्ष्य भी रखा है.

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के उद्योग संगठनों और निवेशकों के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों में भी भाग लिया. सिंगापुर के उच्चायुक्त, फिक्की, सीआईआई, गूगल, ईजमाईट्रिप, मेकमाईट्रिप, हीरो साइकिल्स, एवन साइकिल्स सहित कई संस्थाओं ने झारखंड में निवेश और दीर्घकालिक साझेदारी में रुचि दिखाई. हरित ऊर्जा, डिजिटल स्किलिंग, स्वास्थ्य, पर्यटन, विनिर्माण, ई-साइकिल उत्पादन और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने के लिए ईजमाईट्रिप और मेकमाईट्रिप ने राज्य के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने का प्रस्ताव रखा. वहीं फिक्की टूरिज्म फेडरेशन ने रांची में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ टूरिज्म सेंटर विकसित करने की योजना साझा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को रोजगार और आर्थिक विकास का मजबूत माध्यम बनाया जाएगा.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार उद्योगों के साथ-साथ मानव संसाधन, नवाचार और अनुसंधान को समान महत्व दे रही है. उन्होंने जियाडा की औद्योगिक नीति में आदिवासी समुदाय को मिलने वाली रियायतों की समीक्षा कर उन्हें और प्रभावी बनाने की भी बात कही. उन्होंने स्वीकार किया कि पहले संवाद की कमी के कारण झारखंड की क्षमताएं दुनिया के सामने पूरी तरह नहीं आ सकीं, लेकिन अब सरकार निवेशकों के साथ निरंतर संवाद और पारदर्शी कार्यप्रणाली के जरिए राज्य को निवेश, तकनीक, उद्योग और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि झारखंड अब केवल खनिज संपदा वाला राज्य नहीं, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उद्योग, पर्यटन और नवाचार आधारित विकास मॉडल की ओर निर्णायक कदम बढ़ा चुका है.