Jharkhand

सोनाहातु में ग्रामीणों ने पकड़ा अवैध लकड़ी से लदा ट्रैक्टर, तस्कर फरार

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

रांची (RANCHI): सोनाहातु प्रखंड में अवैध लकड़ी तस्करी का मामला एक बार फिर सामने आया है. इस बार कार्रवाई वन विभाग ने नहीं बल्कि गांव के लोगों ने अपनी जागरूकता और हिम्मत से की. ग्रामीणों ने जंगल से अवैध तरीके से काटकर लाई जा रही लकड़ी से भरे ट्रैक्टर को पकड़ लिया और इसकी सूचना वन विभाग को दी. मौके का फायदा उठाकर लकड़ी तस्कर ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गए. घटना के बाद एक बार फिर वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

शनिवार शाम करीब सात से आठ बजे के बीच सोनाहातु प्रखंड की तेतला पंचायत के सालसुद गांव में कुछ ग्रामीणों की नजर एक संदिग्ध ट्रैक्टर पर पड़ी. ट्रैक्टर में बड़ी मात्रा में लकड़ी लदी हुई थी. ग्रामीणों को शक हुआ कि लकड़ी अवैध तरीके से जंगल से लाई जा रही है. इसके बाद गांव के लोगों ने एकजुट होकर ट्रैक्टर को रोक लिया.

ग्रामीणों को सामने देखकर ट्रैक्टर चालक और लकड़ी तस्कर मौके से भाग निकले. इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लकड़ी से लदे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया. फिलहाल वन विभाग मामले की जांच में जुटा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी की शिकायतें सामने आती रही हैं. बुंडू और तमाड़ वन क्षेत्र में लगातार जंगलों से पेड़ों की कटाई की खबरें मिल रही हैं. पिछले सप्ताह भी तमाड़ वन विभाग ने अवैध लकड़ी से भरे एक ट्रैक्टर को पकड़ा था. इसके बावजूद तस्करी का सिलसिला पूरी तरह रुक नहीं पाया है.

ग्रामीणों का आरोप है कि लकड़ी माफिया बेखौफ होकर जंगलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. अगर गांव के लोग सतर्क नहीं रहते तो शायद यह ट्रैक्टर भी आसानी से जंगल से बाहर निकल जाता. ग्रामीणों का कहना है कि केवल वाहन जब्त करने से समस्या का समाधान नहीं होगा. वन विभाग को उन लोगों तक पहुंचना होगा जो इस पूरे अवैध कारोबार को चला रहे हैं.

ग्रामीणों ने मांग की है कि लकड़ी तस्करों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही जंगलों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे जंगल बचाने के लिए वन विभाग का सहयोग करते रहेंगे और ऐसी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को देते रहेंगे.

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वन विभाग इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है. क्या सिर्फ ट्रैक्टर जब्त करने तक ही कार्रवाई सीमित रहेगी या फिर लकड़ी तस्करी के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसा जाएगा. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच जंगलों की सुरक्षा और अवैध कटाई रोकना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है.