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Jharkhand

SIR पर झारखंड में बवाल! कांग्रेस के आंदोलन को भाजपा ने बताया राजनीतिक नौटंकी

Samir Hussain
Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

रांची (RANCHI): झारखंड में एसआईआर को लेकर राजनीतिक तपिश बढ़ी हुई है. कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है. कभी चुनाव आयोग के दफ्तर का घेराव तो कभी सड़क पर उतर कर चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन पार्टी के कार्यकर्ता कर रहे है. अब इस आंदोलन पर भाजपा ने तंज कसा है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने इसे राजनीतिक नौटंकी बताया है.        

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि झारखंड कांग्रेस का आंदोलन विरोधाभासों से भरा हुआ है.  झारखंड में SIR की प्रक्रिया को लागू करने की जिम्मेदारी BLO, BDO, CO, SDM, DC जैसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की है, जो राज्य की हेमंत सोरेन सरकार के प्रशासनिक तंत्र के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं.  इसके अलावा कांग्रेस और झामुमो के कार्यकर्ता भी बूथ लेवल एजेंट (BLA) के रूप में इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं.  ऐसे में SIR की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर कांग्रेस एक तरह से अपनी ही सरकार और अपने ही कार्यकर्ताओं की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगा रही है.

अजय साह ने आगे कहा कि झारखंड में BLO घर-घर जाकर मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम कर रहे हैं. परिवारों तक तीन-तीन बार पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है.  जिन लोगों की मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें भी फॉर्म-6 के माध्यम से नए सिरे से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर दिया जा रहा है.  वहीं, फॉर्म-8 के जरिए पता परिवर्तन की प्रक्रिया भी जारी है.  इस पूरी प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता BLA के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं.

उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि पार्टी बताए कि उसके कितने कार्यकर्ता BLA के रूप में सक्रिय हैं? कितने लोगों ने फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए आवेदन दिया और उनमें से कितने आवेदन अस्वीकृत हुए? यदि कांग्रेस वास्तव में मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा कर रही है, तो उसे ठोस आंकड़ों और प्रमाणों के साथ सामने आना चाहिए.  सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के बावजूद कांग्रेस उन लोगों की पर्याप्त संख्या भी सामने नहीं रख पाई है, जिनके नाम काटे जाने का वह दावा कर रही है.

अजय साह ने कहा कि जिस कांग्रेस पर सोनिया गांधी के भारतीय नागरिक बनने से पहले ही मतदाता सूची में नाम दर्ज होने को लेकर सवाल उठते रहे हैं और जिस पार्टी पर वर्षों तक बांग्लादेशी घुसपैठियों के मतदाता सूची में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं, उसका यह विरोध राजनीतिक अवसरवाद का उदाहरण है.  कांग्रेस को राजनीतिक नौटंकी करने के बजाय ठोस सबूत पेश करने चाहिए.  सड़क पर प्रदर्शन करने से बेहतर है कि कांग्रेस अपने BLA के माध्यम से मतदाताओं की सहायता करे, पात्र नागरिकों के नाम जुड़वाए और यदि कहीं वास्तविक अनियमितता है, तो उसे प्रमाणों के साथ सामने लाए.