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Jharkhand

रांची में अतिक्रमण हटाने पहुंचा बुलडोजर तो मचा बवाल, घर टूटते देख सड़क पर उतरे लोग, हुआ लाठीचार्ज

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): राजधानी रांची में अतिक्रमण के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के दूसरे दिन बुधवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया. एचईसी की जमीन पर लंबे समय से रह रहे लोगों के मकानों को हटाने पहुंची नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. कार्रवाई के दौरान कई महिलाएं और बच्चे अपने घरों को टूटने से बचाने के लिए बुलडोजर के सामने आ गए. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग या यूं कहें की लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही.

दरअसल बुधवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ नगर निगम और प्रशासन की टीम बाईपास रोड पहुंची. टीम के साथ कई जेसीबी मशीनें भी मौजूद थीं. जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, मौके पर मौजूद लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए. कई महिलाएं अपने घरों के सामने खड़ी होकर प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग करती नजर आईं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं. उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के घर हटाए जाने से परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा. कार्रवाई के दौरान कई परिवारों में अफरा-तफरी का माहौल रहा. महिलाएं और बच्चे अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करते भी दिखाई दिए. विरोध बढ़ने के बाद लोगों ने बिरसा चौक से सैटेलाइट चौक तक सड़क जाम कर दी. मुख्य मार्ग पर बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतार लग गई. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया.

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सरकारी और सार्वजनिक जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी. अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर अभियान चलाया जा रहा है और नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने. प्रशासन और नगर निगम की कार्रवाई के बीच स्थानीय लोगों में अपने घर और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है. वहीं, सड़क जाम और विरोध के कारण आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.