रांची (RANCHI): 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर जारी विवाद बुधवार को उस समय और गहरा गया, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के हजारों कार्यकर्ता रांची स्थित JPSC कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए. प्रदर्शन के दौरान हालात तब तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट तोड़कर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की. इसके बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस-प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी.
घेराव कार्यक्रम के मद्देनजर प्रशासन ने पहले से ही JPSC कार्यालय और आसपास के इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. बड़ी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), दंगा नियंत्रण दल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए थे. आयोग परिसर तक पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके.
प्रदर्शनकारी 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परिणाम को निरस्त करने, पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे. कार्यकर्ताओं ने सरकार और JPSC के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी मुख्य गेट तोड़कर परिसर के अंदर पहुंच गए. हालांकि पुलिस और प्रशासन ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए हालात को नियंत्रण में कर लिया और किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनने दी.
पिछले कई दिनों से JPSC प्रारंभिक परीक्षा परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाने और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. इन्हीं मुद्दों को लेकर भाजयुमो ने JPSC कार्यालय घेराव का आह्वान किया था, जिसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता शामिल हुए. फिलहाल JPSC कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है. पुलिस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है. वहीं प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराते रहे हैं.
