Jharkhand

झारखंड के दो नाबालिग मुंबई से बरामद, CWC की निगरानी में घर वापसी की प्रक्रिया शुरू

Rashmi Prasad CE
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झारखंड के दो नाबालिग मुंबई से बरामद, CWC की निगरानी में घर वापसी की प्रक्रिया शुरू

रांची (RANCHI): झारखंड से आए दिन बच्चों कि गुमशुदगी कि खबर आती ही रहती है. ऐसे में बोकारो जिले के फुसरो और हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ से एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है जहां दो नाबालिग बच्चे अपने माता-पिता को बिना बताए मुंबई पहुंच गए. दरअसल जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे कुछ दिनों तक मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास रह रहे थे. इस दौरान रेलवे पुलिस की नजर उन पर पड़ी और पूछताछ के बाद उनकी पहचान की गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दादर स्टेशन और आसपास मिलने वाले कई नाबालिग बच्चों का संबंध झारखंड से होने के मामले सामने आते रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने तत्काल बच्चों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें मुंबई बुलाया.

माता-पिता के मुंबई पहुंचने के बाद उनकी बच्चों से मुलाकात कराई गई, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया. समिति ने स्पष्ट किया कि बच्चों को सीधे माता-पिता के साथ भेजना संभव नहीं है. इसके लिए झारखंड की संबंधित बाल कल्याण समिति से समन्वय, आवश्यक जांच और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी. अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है, जिसके बाद ही उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिवार तक पहुंचाया जाएगा.

इसी दौरान सामाजिक संगठन झारखंडवासी परिवर्तन संघ के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद आर्य और संगठन से जुड़े मनोज कुमार दादर पुलिस स्टेशन पहुंचे तथा बच्चों और उनके माता-पिता की सहायता का प्रयास किया. कानूनी प्रक्रिया के कारण बच्चों को तत्काल परिजनों के साथ भेजा नहीं जा सका, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ताओं ने माता-पिता के भोजन और उनके गांव लौटने की यात्रा की व्यवस्था की. वर्तमान में मुंबई CWC और झारखंड CWC के बीच समन्वय स्थापित कर दोनों बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके गांव पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है. अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई नाबालिग संकट की स्थिति में मिले तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए संबंधित प्रशासन को तत्काल सूचना दें.