रांची (RANCHI): सड़क पर ड्यूटी के दौरान अक्सर ट्रैफिक पुलिसकर्मी सबसे पहले किसी आपात स्थिति का सामना करते हैं. ऐसे में किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक आने पर उसकी जान बचाने के लिए शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. इसी उद्देश्य से 6 जून यानी आज विस्थापित भवन में ट्रैफिक पुलिस जवानों और होमगार्ड कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां उन्हें CPR और BLS की ट्रेनिंग दी गई है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), परिचारी प्रवर यातायात सहित बड़ी संख्या में ट्रैफिक जवान और गृह रक्षक शामिल हुए. इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार ने प्रतिभागियों को हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी.
कार्यक्रम के दौरान सड़क, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे जवानों को जीवन रक्षक तकनीकों से प्रशिक्षित किया गया, ताकि किसी भी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ने पर समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सके. डॉ. राजेश कुमार ने CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और BLS (बेसिक लाइफ सपोर्ट) की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया.
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि हार्ट अटैक आने या व्यक्ति के अचानक बेहोश होने की स्थिति में सबसे पहले क्या कदम उठाने चाहिए, मरीज की सांस और नाड़ी की जांच कैसे करनी है, एम्बुलेंस आने तक CPR किस प्रकार देना है तथा किन परिस्थितियों में तुरंत चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है. इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक जवान दिन-रात सड़क पर लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं. ऐसे में यदि उन्हें प्राथमिक चिकित्सा और जीवन रक्षक तकनीकों का ज्ञान होगा, तो वे आपात स्थिति में किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में जवानों और होमगार्ड कर्मियों ने CPR-BLS से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की और इसे व्यवहारिक रूप से सीखने का अवसर मिला. इस पहल को जनसेवा और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में कई लोगों की जान बचाई जा सकती है.
