रांची (RANCHI): पलामू जिले में पिछले एक सप्ताह से पैसा लेकर नक्सली को छोड़ने की खबर चर्चा में रही. दंगवार ओपी के दरोगा पर आरोप लगा की बिहार के टॉप नक्सली राजेन्द्र पासवान को पहले गिरफ्तार किया फिर पैसा लेकर छोड़ दिया. अब इस मामले पलामू एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया. साथ ही जांच शुरू कर दी है.
दरअसल बिहार के मोतीहारी जिले में दर्ज मुकदमे के आरोपी नक्सली राजेन्द्र पासवान को पुलिस ने रात 12 बजे दंगवार क्षेत्र से हिरासत में लिया. हिरासत में लेकर उसे थाना ले गई. नक्सली के गिरफ्तार होने की सूचना अपने सीनियर अधिकारियों से छुपाई और फिर इसमें पैसे की डील कर सुबह 3 बजे छोड़ दिया. लेकिन मामला गंभीर था.
इस पूरे घटना की सूचना पलामू एसपी कपिल चौधरी तक पहुंची. जिसके बाद एसपी ने हुसैनाबाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिव्यांशु शुक्ला के नेतृत्व में एक टीम गठित किया और पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी. जांच टीम ने गाँव पहुँच कर जांच किया. कई लोगों से पूरी जानकारी ली और अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को दिया.
रिपोर्ट में दंगवार ओपी के प्रभारी एसआई वीरेंद्र मेहता के द्वारा नक्सली छोड़े जाने की बात सामने आई. जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया. दंगवार ओपी झारखंड की सीमा का आखरी ओपी है. यहाँ के बाद बिहार का औरंगाबाद जिला शुरू हो जाता है.
अब दोबारा पुलिस मोतीहारी के मोस्ट वांटेड नक्सली की गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. जिससे उसकी गिरफ़्तारी कर बिहार पुलिस को सौपा जा सके. हलाकी अब तक नक्सली की कोई जानकारी नहीं है की वह कहा है. नक्सली पर मोतीहारी में गंभीर मामले दर्ज है. जिसकी तलाश लंबे समय से पुलिस कर रही थी.
