रांची (RANCHI): झारखंड में SIR की प्रक्रिया का आखिरी चरण यानी दावा-आपत्ति का फेज आज खत्म हो रहा है. इसके बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी. लेकिन इस बीच जब THE NEWS POST की टीम बूथ पर पहुंची, तो वहां लोगों ने SIR की प्रक्रिया से जुड़ी कुछ परेशानियां साझा कीं.
दस्तावेजों को लेकर लोगों की परेशानी
लोगों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया ठीक तरीके से चल रही है, लेकिन कुछ दिक्कतें ऐसी हैं, जिनकी वजह से SIR में उनका नाम कट सकता है. लोगों ने बताया कि जब उन्हें नोटिस भेजा गया और वे बूथ पर इन सभी दिक्कतों को ठीक कराने के लिए पहुंचे, तो उनसे कुछ ऐसे दस्तावेज मांगे गए, जो उनके पास थे ही नहीं.
लोगों के मुताबिक, इनमें जातीय प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हैं. इसके साथ ही कुछ लोगों का कहना है कि उनके पास आधार कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें बूथ पर स्वीकार नहीं किया जा रहा है. बात करते हुए कुछ लोगों ने यह भी बताया कि उनकी मैपिंग के लिए उनके पिता का एजुकेशनल डॉक्यूमेंट मांगा जा रहा है. लेकिन उनके पिता पढ़े ही नहीं हैं. ऐसे में लोगों का कहना है कि उनकी SIR की प्रक्रिया अधूरी रह जाएगी और उनका नाम काट दिया जाएगा.
बिहार से झारखंड आए लोगों की भी अलग परेशानी
कुछ लोग ऐसे भी मिले, जो पहले बिहार में रहते थे और बाद में झारखंड आए. अब SIR के दौरान उनसे उनके पिता या किसी परिजन की मैपिंग से जुड़े ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो उनके पास उपलब्ध ही नहीं हैं.
वहीं, कुछ लोगों को नोटिस कल यानी 29 सितंबर को भेजा गया. ऐसे में उनका सवाल है कि इतनी कम समय में वे अपने दस्तावेज किस तरह जमा करेंगे. लोगों का यह भी कहना है कि उन्हें BLO की तरफ से भी कोई खास मदद नहीं मिल रही है.
कुछ लोगों ने बताई आसान प्रक्रिया
हालांकि, कुछ लोगों का कहना यह भी है कि उनकी SIR की प्रक्रिया काफी अच्छे तरीके से पूरी हो गई है और पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है. अब देखना यह रहेगा कि SIR की प्रक्रिया के बाद कितने लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहते हैं और कितने लोगों के नाम कटते हैं.