☰
Jharkhand

समय पर इलाज से बच सकती है जान, रांची में शुरू होगी आधुनिक बाइक एम्बुलेंस सेवा

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
Copy Editor

रांची (RANCHI): आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूरवर्ती गांवों और संकरी गलियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘नमो जीवन रक्षक बाइक एम्बुलेंस’ का लोकार्पण 10 अक्टूबर को रांची के सदर अस्पताल में किया जाएगा. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित इस विशेष बाइक एम्बुलेंस का उद्देश्य आपात स्थिति में मरीजों तक तेजी से पहुंचकर समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद करना है.

सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, सांस लेने में गंभीर परेशानी या अन्य आपात स्थितियों में शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. कई बार जाम, संकरी सड़कें और दुर्गम रास्ते बड़ी एम्बुलेंस के पहुंचने में बाधा बनते हैं. ऐसे में बाइक एम्बुलेंस कम समय में घटनास्थल तक पहुंचने और मरीज को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित हो सकती है. समय पर सहायता मिलने से मरीज की स्थिति बिगड़ने का जोखिम कम करने और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इसका वास्तविक लाभ उपलब्ध उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मियों और चिकित्सा व्यवस्था पर निर्भर करेगा.

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में न्यूरोसर्जरी क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है. इनमें क्यूरेस्टा हॉस्पिटल, इरबा, रांची के निदेशक डॉ. संजय कुमार शामिल हैं, जो एसोसिएशन ऑफ न्यूरोसाइंटिस्ट्स ऑफ ईस्ट इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और न्यूरोट्रॉमा सोसाइटी ऑफ इंडिया के वर्तमान अध्यक्ष हैं. भुवनेश्वर के न्यूरोसर्जन प्रो. ब्रिगेडियर डॉ. पी.के. साहू और गुवाहाटी स्थित नॉर्थ ईस्टर्न न्यूरो सेंटर के निदेशक डॉ. रूप ज्योति हजारिका को भी आमंत्रित किया गया है. यह पहल आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है. समय पर प्राथमिक सहायता, त्वरित रेफरल और अस्पताल तक शीघ्र पहुंच गंभीर मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं.