रांची: एआई और डिजिटल के क्षेत्र में बढ़ रहे बड़े शहरों के साथ रांची को भी आईटी हब बनाने की कवायद शुरू हो गई है. राज्य सरकार ने शहर में 2029 तक आईटी पार्क की शुरुआत और 75 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में RMZ Infrastructure के President दीपक छाबड़िया ने मुलाकात की.
इस दौरान झारखंड में अत्याधुनिक IT Park विकसित करने, Global Capability Centre (GCC) की स्थापना के साथ साथ तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया. साथ ही रांची को IT, innovation और high-skilled employment के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक अधोसंरचना और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के विषय पर भी चर्चा हुई.
2029 तक IT Park की शुरुआत, प्रथम चरण में 20 हजार और अगले तीन वर्षों में 75 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य
प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में IT Park की शुरुआत करने की दिशा में कार्य किया जाएगा. इसके प्रथम चरण में लगभग 20,000 रोजगार के अवसर सृजित करने तथा अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 75,000 रोजगार अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. इससे राज्य के स्थानीय एवं प्रतिभाशाली युवाओं को तकनीकी और उच्च-कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर प्राप्त होने की संभावनाएं हैं. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए IIM Ranchi, नए विधानसभा परिसर एवं हाईकोर्ट परिसर के निकट उपलब्ध लगभग 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है. प्रस्तावित IT Park में आधुनिक कार्यालय एवं डिजिटल अधोसंरचना के साथ वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियों और संस्थानों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना है. यह पहल झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने तथा रांची को IT, innovation और high-skilled employment के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
झारखंड में IT, AI, GCC और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में निवेश को मिलेगा बढ़ावा
बैठक के दौरान Global Capability Centre (GCC) की स्थापना की संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई. GCC के माध्यम से वैश्विक कंपनियों के लिए IT एवं AI सेवाओं, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी तथा अन्य उच्च-कौशल वाले कार्यों का संचालन झारखंड से किया जा सकता है. इससे राज्य में निजी निवेश, तकनीकी रोजगार और उच्च-कौशल वाली नौकरियों के अवसरों के विस्तार को गति मिलने की संभावना है. उक्त बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड को भविष्य की तकनीकों और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़ते हुए एक मजबूत एवं आधुनिक IT तथा तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उच्च-कौशल आधारित अवसरों का सृजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि रांची को IT, innovation और emerging technologies का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है. राज्य में उपलब्ध प्रतिभाशाली मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधनों और विकास की संभावनाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर झारखंड को नई अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार किया जाएगा.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभावित रूप से अक्टूबर माह में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल बेंगलुरु का दौरा करेगा. प्रतिनिधिमंडल वहां विकसित IT Park, तकनीकी इकोसिस्टम एवं Global Capability Centre मॉडल का अध्ययन करेगा तथा IT अधोसंरचना, निवेश व्यवस्था और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करेगा. इस अध्ययन के आधार पर झारखंड में IT Park और संबंधित तकनीकी इकोसिस्टम के विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी.
RMZ Infrastructure की ओर से झारखंड में अत्याधुनिक IT Park, डिजिटल अधोसंरचना तथा भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाओं को लेकर रुचि व्यक्त की गई. बैठक में राज्य में तकनीकी एवं औद्योगिक निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों तथा संभावित सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ.
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में आधुनिक तकनीक, नवाचार और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से युवाओं के लिए राज्य में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा रांची को देश के प्रमुख IT केंद्रों में विकसित करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.
इस मौके पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव पूजा सिंघल, झारखंड स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (JSAC) की निदेशक माधवी मिश्रा उपस्थित रहीं.
