रांची: इतिहासिक मोरहाबादी मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में 70 फीट के रावण,65 फीट के कुंभकरण और 60 फीट के मेघनाथ के पुतले को दहन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल संतोष गंगवार मौजूद रहे. रावण दहन कार्यक्रम के दौरान भव्य आतिशबाजी और राम लीला का आयोजन किया गया.
राज्यपाल ने 70 फीट के रावण के पुतले को तीर चला कर दहन किया. साथ ही रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 65 फीट के कुंभकरण और रांची विधायक सीपी सिंह ने 60 फीट के मेघनाथ का वध किया. जबकि सोने की लंका को सांसद महुआ माजी और रांची मेयर रौशनी खलखो ने आग लगाई.
रावण दहन के पूर्व मोरहाबादी मैदान में भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया. रंग बिरंगे पटाखों से पूरा शहर पट गया. वहीं मैदान में रामलीला का भी आयोजन किया गया. इस दौरान पूरा मैदान जय श्री राम के जयकारे से गूंजता रहा.
मंच से राज्यपाल ने संबोधित करते हुए सबसे पहले राज्य वासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी. इसके बाद उन्होंने कहा कि रावण अहंकारी था और भगवान राम अपने आदर्श पर चल रहे थे. रावण को लग रहा था की उसका अंत हो ही नहीं सकता है लेकिन उसका अंत भगवान श्री राम ने किया. उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई का पर्व है. यह दिन हमें याद दिलाता है कि बुराई कितना ताकतवर क्यों ना हो उसका खात्मा होता है. उन्होंने कहा कि आज सभी को भगवान राम के आदर्श को अपनाने की जरूरत है. भगवान राम के बताए रास्ते पर चल कर अपनी ज़िंदगी को बेहतर कर सकते है.
