रांची (RANCHI): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज शनिवार को अपने पैतृक गाँव नेमरा में अपनी दिवंगत माँ रूपी सोरेन का दशकर्म का निर्वहन करेंगे. रामगढ़ जिले के नेमरा गाँव में दशकर्म से जुड़ी सभी रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार निभाई जाएंगी. वहीं, रविवार 18 अक्टूबर को संस्कार भोज का आयोजन होगा, जिसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. दोनों कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बता दें, दशकर्म की रस्में कुडूम हड़ाम छोटू बेसरा, नायके हड़ाम चेतन टुडू, प्राणिक हड़ाम बिजू सोरेन और काशीनाथ बेसरा संपन्न कराएंगे. परंपरा के अनुसार, दशकर्म की रस्में पूरी होने के बाद परिवार के सदस्यों का छुतका पूरी तरह हट जाएगा.
दशकर्म और संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. शुक्रवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गईं. देशभर से आने वाले विशेष अतिथियों की सुविधा के लिए तीन हेलीपैड भी तैयार किए गए हैं. इसके साथ ही रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के दौरान नेमरा से लेकर रामगढ़ तक 14 आईपीएस और 42 डीएसपी स्तर के अधिकारियों के अलावा 42 जवानों की तैनाती की गई है.
रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार को गहरा दुख पहुंचा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां के बेहद करीब रहे हैं. उनके निधन के बाद परिवार के सदस्य धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं.
बता दें, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का निधन का निधन 7 अक्टूबर को एक निजी अस्पताल में हुआ था. वहीं सीएम के पिता और झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन 2025 में दिल्ली के अस्पताल मे हुआ था. ऐसे में एक साल में अपने माता पिता को खोना सीएम को काफी दुख पहुंचा है.
