Jharkhand

राज्यसभा चुनाव का बजा बिगुल, दो सीटों पर सियासी घमासान तेज, आज से शुरू होगा नामांकन

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया सोमवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही राजनीतिक दलों ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है. हालांकि, चुनावी कार्यक्रम घोषित होने के बावजूद अब तक प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवारों के नामों का खुलासा नहीं किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है.

राज्यसभा की ये दोनों सीटें झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के निधन और भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हुई हैं. चुनाव आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जून से 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे. 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू कर परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है.

झारखंड विधानसभा की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह चुनाव काफी रोचक माना जा रहा है. 81 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को 28 वोटों की आवश्यकता होगी. उम्मीदवारों के चयन को लेकर सत्ताधारी इंडिया गठबंधन में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है. झामुमो एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने के पक्ष में है, जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस अपनी दावेदारी मजबूत कर रही है. गठबंधन के भीतर सहमति बनाने की कोशिशें जारी हैं और जल्द ही तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

वहीं, भाजपा ने भी एक सीट पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, लेकिन उम्मीदवार के नाम पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. पार्टी नेतृत्व संभावित नामों पर मंथन कर रहा है. विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले समेत इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जो दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या मानी जा रही है. दूसरी ओर भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा के साथ एनडीए के पास 24 विधायक हैं. ऐसे में भाजपा को जीत के लिए अतिरिक्त समर्थन या क्रॉस वोटिंग की उम्मीद करनी होगी.

इस बीच जेएलकेएम के एकमात्र विधायक जयराम महतो का वोट भी चर्चा में है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दूसरी सीट के समीकरण में उनका समर्थन अहम भूमिका निभा सकता है. ऐसे में राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति आने वाले दिनों में और दिलचस्प होने वाली है.